रायबरेली। शहर से होकर गुजरी सई नदी को साफ सुथरा बनाने के लिए नगर पालिका ने कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत सई नदी को स्वच्छ बनाने में प्रति माह नौ लाख रुपये खर्च होंगे। रायबरेली शहर से होकर गुजरी सई नदी में नालों और सीवर का पानी जाने से वह दूषित हो रही है।
नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए नगर पालिका ने कार्ययोजना तैयार की है। इसके मुताबिक नदी में गिर रहे सात नालों पर जाली लगवाई जाएगी।
सई नदी को स्वच्छ बनाने के लिए बायोरैमिडेशन के जरिए पानी की स्क्रीनिंग की जाएगी। पानी शुद्ध करने के बाद उसे नदी में छोड़ा जाएगा। योजना को धरातल पर उतारने के लिए जल्द इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इन नालों का पानी सई नदी में जाता
शहर में सुरजूपुर, मटिहा, कानपुर रोड, कप्तान का पुरवा, ग्रिबशाह का पुरवा, इंडस्ट्रियल एरिया, भवानीपेपर मिल का नाला, रेवतीराम तालाब से होकर जाने वाले नाले का पानी सई नदी में गिरता है। इन्हीं नालों से नदी में जाने वाले पानी की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। नालों की साफ-सफाई भी कराई जाएगी। जाली लगा देने से कूड़ा-कचरा नदी में नहीं जा पाएगा।
सई नदी रायबरेली शहर की पहचान है। इसे साफ सुथरा रखना हमारी जिम्मेदारी है। नदी को स्वच्छ बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। सई नदी का पानी शुद्ध करने के लिए बायोरैमिडेशन के जरिए नालों से जाने वाले पानी की स्क्रीनिंग की जाएगी। इस काम पर हर माह करीब नौ लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
- डॉ. आशीष सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद रायबरेली