रायबरेली में एफसीअार्ई गाोदाम में बरामदे में रखा गेहूं।
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जिले में गेहूं खरीद की शुरुआत भले ही कर दी गई हो, लेकिन इस बार भी भंडारण को लेकर कोई खास तैयारी नहीं की गई है। ऐसे में इस बार भी गेहूं खरीद में भंडारण की समस्या आडे़ हाथ आएगी। वजह एफसीआई गोदाम में ही खरीद के बाद गेहूं का भंडारण किया जाता है।
वहां पहले से ही अनाज का भंडारण अधिक है। खरीद के बाद भंडारण होने पर अफसरों को माथापच्ची करनी पडे़गी। अभी शासन से गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। लेकिन 1 अप्रैल से खरीद शुरू हो गई है।
अभी भंडारण को लेकर कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। गेहूं खरीद होने पर अनाज लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर स्थित एफसीआई गोदाम में भंडारण किया जाता है। इस गोदाम में गेहूं, चावल रखने की क्षमता 60 हजार मीट्रिक टन है।
मौजूदा समय की बात करें तो गोदाम में 52 हजार मीट्रिक टन अनाज भंडारण है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब खरीद का गेहूं भंडारण किया जाएगा तो भंडारण की समस्या आडे़ हाथ आ जाएगी।
डिप्टी आरएमओ अविनाश चंद्र सागरवाल का कहना है कि गेहूं खरीद शुरू कर दी गई है। अभी तक केंद्रों पर गेहूं की आवक नहीं हुई है। एफसीआई गोदाम में ही गेहूं रखा जाता है। प्रयास किया जा रहा है कि गेहूं भंडारण में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए एफसीआई के अधिकारियों से बात की जा रही है।
वहीं एफसीआई के गोदाम मैनेजर ने कहा कि एफसीआई गोदाम में 60 हजार मीट्रिक टन रखने की क्षमता है। इस समय 52 हजार मीट्रिक टन अनाज गोदाम में रखा गया है। गेहूं भंडारण में कोई समस्या नहीं आने दिया जाएगा। गेहूं आने पर गोदाम के चबूतरों में भी अनाज रखने की व्यवस्था की गई है।