फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वेबसाइट खुली नहीं, आवेदन करने से वंचित रह गए किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। जिले के ज्यादातर किसानों का अनुुदान पर कृषि यंत्र खरीदने का सपना तार-तार हो गया। जिस वेबसाइट पर कृषि यंत्र खरीद के लिए आवेदन करना था, वह कुछ घंटे ही खुल सकी। इससे किसानों को मायूसी हाथ लगी।
विज्ञापन

दरअसल कृषि विभाग की ओर से कृषि यंत्रों को 50 फीसदी अनुदान पर खरीदने के लिए गाइडलाइन जारी की गई थी। इसके तहत 24 अगस्त को शाम तीन बजे तक विभागीय पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल पर यंत्र अनुदान के लिए आवेदन करना था।
हाल ये रहा कि वेबसाइट खुलती और बंद होती रही। शाम के वक्त तो वेबसाइट पूरी तरह से बंद हो गई। इससे ज्यादातर किसान आवेदन करने से वंचित रह गए। हालांकि विभागीय अफसरों का दावा है कि दूसरे दिन 25 अगस्त को भी किसानों के आवेदन लिए गए।
विज्ञापन

विभागीय अफसरों के मुताबिक रोटावेटर, मल्टी क्रॉपर थ्रेसर, पावर चैफ कटर, डिस्क प्लाऊ, पंपसेट, आलू खुदाई मशीन, स्ट्रा रीपर, पैकिंग मशीन, लेजर लैंड लेवलर, पावर टिलर व ट्रैक्टर माउटेंड स्प्रेयर खरीद पर 50 फीसदी अनुदान दिया जाना है।
कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान पाने के लिए जमानत राशि भी तय की गई है। 10 हजार तक के अनुदान वाले कृषि यंत्र के लिए जमानत राशि शून्य रखी गई है। 10 हजार से एक लाख तक के अनुदान वाले कृषि यंत्रों के लिए जमानत धनराशि 2500 रुपये रखी गई है। एक लाख से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों जैसे कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए जमानत राशि पांच हजार रुपये रखी गई है।
कृषि यंत्र पर अनुदान पाने के लिए आवेदन करने के बाद किसान को ऑनलाइन टोकन जनरेट करने के उपरांत प्राप्त चालान के माध्यम से निर्धारित समय के अंतर्गत नजदीकी यूनियन बैंक की किसी भी शाखा में निर्धारित जमानत राशि जमा करनी होगी।
चालान रसीद पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जाना है बल्कि यंत्र खरीदने के बाद पोर्टल पर बिल अपलोड करना है। इसके बाद समस्त पत्रावली उप कृषि निदेशक कार्यालय गोरा बाजार में जमा की जाएगी।
अफसरों के मुताबिक 26 अगस्त को कस्टम हायरिंग सेंटर की खरीद के लिए बुकिंग की जानी थी। इसके लिए किसानों को आवेदन करना था। अब यह बुकिंग निरस्त कर दी गई है। बुकिंग के लिए जल्द नई तारीख घोषित की जाएगी। कहा जा रहा है कि वेबसाइट खुलने में आ रही दिक्कत की वजह से यह निर्णय लिया गया है।
उप कृषि निदेशक एचएन सिंह ने बताया कि कृषि यंत्रों पर 50 फीसदी अनुदान के लिए किसानों ने आवेदन किए हैं। 24 अगस्त की रात आठ बजे के बाद से वेबसाइट बंद हो गई थी। 25 अगस्त को खुली रही और आवेदन कराए गए।
कितने किसानों ने कृषि यंत्रों की खरीद के लिए आवेदन किया है, यह आंकड़ा लखनऊ से आने के बाद ही पता चलेगा। 26 अगस्त को कस्टम हायरिंग सेंटर की खरीद के लिए होने वाली बुकिंग निरस्त कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें