एमएलसी पद के लिए 3 मार्च को होने वाले मतदान के लिए सोमवार को विकास भवन सभागार में जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट, माइक्रो ऑब्जर्वर, मतदान अधिकारियों व कर्मचारियों को शांतिपूर्वक मतदान कराने के टिप्स दिए गए।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने कहा कि अधिकारी निर्भीक होकर मतदान कराएं। इसमें किसी भी प्रकार के दबाव में वे नहीं आएंगे। निर्वाचन से संबंधित प्रपत्रों को ठीक से भरा जाएगा।
कोई भी मतदान कर्मी मतदाता से बात नहीं करेगा, और किसी प्रकार की सलाह नहीं देगा। डीएम ने कहा कि मतदान वाले कमरे में वोटर व अधिकारियों के अलावा किसी का भी प्रवेश नहीं होगा।
मतदान की बराबर वीडियोग्रॉफी होगी। वोटर आईडी कार्ड की जांच अवश्य की जाए, जिसका नाम मतदाता सूची में हो, उसी को मतदान का मौका दिया जाए।
डीएम ने कहा कि मतपत्र पर निर्धारित काली पट्टी एवं चिह्न होगा। जिस पर नंबर भी पडे़ होंगे और कोई मतदान के समय अन्य पेपर मतपेटी में डालते हैं तो पोलिंग पार्टियों की खिलाफ कार्रवाई होगी।
बैठक में प्रेक्षक मो. वसीर अहमद, सीडीओ अनूप कुमार, डीडीओ आरएन सिंह, पीडी इंद्रसेन सिंह, डीपीआरओ डॉ. संजय यादव व अन्य मौजूद रहे।
तीन मार्च को होने वाले मतदान में शपथ न लेने वाले 146 ग्राम प्रधान मतदान नहीं डाल पाएंगे। डीएम ने कहा कि निरक्षर होने पर सहयोगी उन्हें ही मिलेगा।
जिन्होंने 28 फरवरी तक आवेदन कर दिया है। पोलिंग एजेंट मतदान कक्ष से बाहर रहेंगे। एमपी, एमएलसी, जिला पंचायत के वर्तमान सदस्य, क्षेत्र पंचायतों के सदस्य, पुराने बीडीसी सदस्य, व शपथ लेने वाले ग्राम प्रधान मतदान करेंगे।