रायबरेली। पावर कॉर्पोरेशन की विजिलेंस टीम बिजली चोरी रोकने में नाकाम साबित हो रही है। टीम पर छापेमारी के बाद प्राथमिकी दर्ज न कर सौदेबाजी करने का आरोप है। मंगलवार को सुबह की छापेमारी में टीम ने सुल्तानपुरखेड़ गांव में एक आरओ संयंत्र पकड़ा। यह संयंत्र मीटर बाईपास करके चलाया जा रहा था।
सूत्रों के अनुसार, टीम ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय सौदेबाजी कर वापसी की। इसी प्रकार, गाजीपुर के मोती का पुरवा गांव और चौदहमील कस्बे में भी छापे मारे गए। वहां कई लोगों और एक उपभोक्ता को बिजली चोरी करते पकड़ा गया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।प्रबंध न ने टीम को बॉडी कैमरा दिया है, लेकिन आरोप है कि उससे वीडियो बनाने के बजाय मोबाइल से सौदेबाजी की जाती है।
सूत्रों का कहना है कि बॉडी कैमरे का वीडियो हटाया नहीं जा सकता। विजिलेंस टीम के प्रभारी बृजेश कुमार सिंह ने छापे और अनियमितता मिलने की बात स्वीकारते हुए कार्रवाई का दावा किया। मुख्य अभियंता रविचंद्र श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी न होने पर जांच कराने का आश्वासन दिया है।