रायबरेली। पहली जुलाई से कोरोना टीकाकरण में रफ्तार लाने की तैयारी है। 45 वर्ष से अधिक उम्र के विकल्प को खत्म करके अब सिर्फ 18 वर्ष से अधिक उम्र के लिए टीकाकरण की व्यवस्था की जा रही है।
साथ ही टीकाकरण के लिए घर-घर बुलावा पर्ची भी पहुंचेगी। हर राजस्व गांव में टीकाकरण के लिए मोबिलाइजेशन टीम गठित होगी, जिसमें प्रधान, लेखपाल, आशा, आंगनबाड़ी और शिक्षक को शामिल किया गया है। यह टीम ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करेगी।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि जुलाई महीने से टीकाकरण में रफ्तार लाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए शासन से दिशा-निर्देश आने के बाद माइक्रो प्लान तैयार कराया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विकास खंड को तथा शहरी क्षेत्र में शहरी निकाय को इकाई के रूप में लेकर कार्ययोजना बनाई जा रही है। इन इकाइयों को क्लस्टर में बांटकर टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।
राजस्व गांवों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाने के लिए मोबिलाइजेशन टीमें बनाई जाएंगी। प्रधान सहित अन्य कर्मचारियों को इस टीम में शामिल किया जाएगा। टीका लगवाने के लिए घर-घर लोगों को परची पहुंचाई जाएगी, जिससे वह तय तारीख में सेंटर पर पहुंचकर टीका लगवाएंगे।
प्रतिकूल परिस्थिति के लिए होगी क्यूआरटी टीम
टीका लगने पर किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अगल से टीम तैनात होगी। टीकाकरण के दौरान किसी प्रकार की प्रतिकूल घटना के प्रबंधन के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) लगायी जाएगी।
सूचना पर यह टीम मौके पर पहुंचेगी। टीम के लिए वाहनों की व्यवस्था होगी और जरूरी दवाएं भी मौजूद होंगी। टीकाकरण के बाद व्यक्ति में किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में 108 एंबुलेंस को तत्काल बुलाया जाएगा और संबंधित को ब्लाक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया जाएगा।