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UP: रायबरेली में टॉन्सिल के ऑपरेशन के बाद बच्ची की मौत, संचालक अरेस्ट; डॉक्टरों ने किया कार्य बहिष्कार

Thu, 16 Jul 2026 06:08 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली

सार

टॉन्सिल ऑपरेशन के बाद बच्ची की मौत के मामले में प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने, चिकित्सकीय लाइसेंस पर कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। घटना के बाद चिकित्सकों ने गिरफ्तारी का विरोध भी किया।
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रायबरेली में बच्ची की मौत का मामला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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रायबरेली में शाश्वत हॉस्पिटल में टॉन्सिल के ऑपरेशन के बाद 10 वर्षीय शिवानी की लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद नर्सिंग होम को सील कर संचालक सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 

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वहीं, डॉक्टर की गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का गुस्सा भड़क गया। निजी अस्पतालों, क्लीनिकों में डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के कारण सन्नाटा रहा। चिकित्सकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम और एसपी को ज्ञापन देकर बिना जांच पूरी हुए डॉक्टर की गिरफ्तारी करने का आरोप लगाया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के विपरीत, किसी स्वतंत्र विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड से आपराधिक लापरवाही की पुष्टि किए बिना ही गिरफ्तारी अनुचित है। मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

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शाश्वत हॉस्पिटल की तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

29 जून को शाश्वत हॉस्पिटल में भर्ती कराया था

प्रतापगढ़ जिले के लालगंज क्षेत्र के पूरे बोधी अगई निवासी शरद कुमार सिंह ने अपनी बेटी शिवानी को 29 जून को शाश्वत हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 30 जून को टॉन्सिल के ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई। उसे गंभीर अवस्था में लखनऊ के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया था, जहां चिकित्सकों ने ब्रेन हैमरेज की पुष्टि की। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मंगलवार को उसकी मौत हो गई।

परिजनों की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएमओ की संयुक्त टीम ने अस्पताल को सील कर दिया था। अब बच्ची की मौत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई और तेज कर दी है। मृतक बच्ची के पिता शरद कुमार सिंह ने अस्पताल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद शाश्वत हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अमित सिंह को गत बुधवार को शहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। 
 
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चिकित्सक एकत्र हुए और गिरफ्तारी का विरोध किया

बुधवार की शाम भी चिकित्सकों ने शहीद चौक पर धरना देकर चिकित्सक की गिरफ्तारी का विरोध किया था। बृहस्पतिवार को आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पताल और क्लीनिकों में ताला बंद रखा गया। कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। आईएमए भवन में चिकित्सक एकत्र हुए और गिरफ्तारी का विरोध किया।

चिकित्सकों ने कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर डीएम और एसपी को ज्ञापन दिया। आरोप लगाया कि एफआईआर में शुरुआती धारा 106(1) बीएनएस को बदलकर सीधे धारा 105 बीएनएस (गैर-इरादतन हत्या) जैसी अत्यंत गंभीर गैर-जमानती धारा लगा दी गई। यह बदलाव बिना किसी ठोस न्यायिक या वैज्ञानिक आधार के किया गया है।

आरोप लगाया कि डॉ. अमित सिंह ने शुरुआत से ही जांच में पूर्ण सहयोग किया है। इसके बाद भी मनमाने तरीके से कार्रवाई की गई। चिकित्सकों ने मांग की कि इसकी जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सीय बोर्ड गठित करके जांच कराई जाए। 

आईएमए के अध्यक्ष डॉ. संजीव जायसवाल, सचिव डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. संजय रस्तोगी, डॉ. बृजेश सिंह, डॉ. आरएस मालवीय, डॉ. मनीष सिंह आदि ने चिकित्सक की गिरफ्तार का विरोध करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उधर, निजी क्षेत्र में चिकित्सीय सेवाएं ठप होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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