इसके पहले, बाराबंकी में रविवार को त्रिवेदीगंज के गौतौना गांव में समाजवादी पार्टी के नेता गौतम रावत के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में गौ संरक्षण और राम मंदिर निर्माण को लेकर केंद्र व राज्य की राजनीति पर तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि जो लोग गाय को माता कहकर सत्ता में आए, वही अब उसे पशु बता रहे हैं। उनके अनुसार गाय को राष्ट्रीय गौमाता घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल गाय को राष्ट्रीय गौमाता घोषित करेगा, उनका समर्थन उसी दल को मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जो गाय को केवल पशु कहे, उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है, चाहे वह भाजपा, सपा, कांग्रेस या किसी अन्य दल से जुड़ा हो। शंकराचार्य ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भी दावा किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर उनके मुकदमे की वजह से मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के समय उन्होंने विधि-विधान के अनुसार स्थापना करने का आग्रह किया था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिसके परिणाम आज सामने हैं।
इससे पहले शंकराचार्य का चौराहे पर समर्थकों ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने गौतौना गांव में आयोजित सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे।