जिले में संक्रामक रोग से अब लोगों के मरने का सिलसिला शुरू हो गया। सोमवार को बुखार की चपेट में आने से जहां दो बुजुर्गों की मौत हो गई। वहीं 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया। जिला अस्पताल में रोगियों की बढ़ती संख्या के कारण बेड फुल हो गए हैं।
ऐसे में रोगियों को भर्ती करने में परेशानी हो रही है। गंभीर रोगियों को ही भर्ती किया जा रहा है। अप्रैल में बढ़ती गर्मी के साथ ही लोग डायरिया, बुखार की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी हो या फिर इमरजेंसी कक्ष अधिक रोगी बुखार और डायरिया संबंधित आ रहे हैं।
खीरों ब्लॉक क्षेत्र के मनिकन का पुरवा निवासी कलेशर पाल (60) और सुल्तानपुर जिले के लखईपुर धम्मौर के रहने वाले रामकेवल (61) को कई दिन से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
इसके अलावा इमरजेंसी कक्ष में सूरज, सप्तीदीन, अंकुर निवासी राही, कुंवर सिंह निवासी अमावां, रघुबीर निवासी बछरावां और रामराज, अंकुर निवासी गोरा बाजार, अब्दुल खां, शमशेर, राहुल निवासी ऊंचाहार का बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया।
सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि गर्मी के चलते लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल आने वाले रोगियों का बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है।