रायबरेली में सोमवार को जैतूपुर स्थित प्लांट में डंप कूड़े के निस्तारण करने के लिए पहुंची ट्रोमल ?
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रायबरेली। आखिरकार ट्रोमल मशीनें यहां पहुंचने के बाद डंप कूड़े के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू करा दी गई। ऐसा होने से जल्द शहरवासियों को न सिर्फ गंदगी से राहत मिलेगी, बल्कि वायु प्रदूषण भी कम हो सकेगा। दरअसल नगर पालिका का शहर क्षेत्र के जैतूपुर में कूड़ा निस्तारण प्लांट है। प्लांट में तकरीबन 80 हजार मीट्रिक टन कूूड़ा डंप है। कूड़ा निस्तारण प्लांट भी कई साल से बंद चल रहा है। इससे कूड़े का निस्तारण कार्य नहीं हो पा रहा था। इससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा था। साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
शासन की मंसा पर अब ट्रोमल मशीनों के जरिए डंप कूड़े के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कराई गई है। कहा जा रहा है कि जल्द डंप कूड़े का निस्तारण कर दिया जाएगा। नगर पालिका के ईओ डॉ.आशीष कुमार सिंह ने बताया कि ट्रोमल मशीनें यहां पर आ गई हैं और कूड़े के निस्तारण की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है। उम्मीद है कि इस कार्य के बाद कई साल से पड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट फिर से शुरू हो जाएगा। इससे शहर को साफ सुथरा करने में और मदद मिल सकेगी।
यह है ट्रोमल मशीन
ट्रोमल एक ऑटोमैटिक मशीन है, जिसके माध्यम से कूूड़े को छांटा जाता है। इसमें शीशा, प्लास्टिक, गलनशील कूूड़ा आदि अलग-अलग हो जाएगा, जिसके बाद इससे जैविक खाद तैयार होगी, जो कंपनियों को बेच दी जाएगी, जबकि बचा कूड़ा जमीन में दबाकर निस्तारित कर दिया जाएगा।
ये होंगे फायदे
कूड़े के ऊंचे-ऊंचे ढेरों से राहत मिल जाएगी, जिससे शहर साफ सुथरा नजर आएगा। आए दिन कूड़े के ढेरों में आग लगने से लोगों के लिए मुश्किलें पैदा हो जाती हैं। इस समस्या का समाधान भी हो जाएगा। कूड़े के निस्तारण होने से वायु और जल प्रदूषण भी बंद होगा। ठप पड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट शुरू हो सकेगा। आसपास के क्षेत्रों के लोगों को दुर्गंध से राहत मिलेगी।