रायबरेली। रायबरेली-प्रयागराज हाईवे पर जल्द ही चार बाईपास का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। इसके लिए बाईपास के मार्गों पर पड़ने वाले 3300 पेड़ काटे जाएंगे। इसके लिए एनएचएआई की ओर से अब तक एक करोड़ नौ लाख रुपये दिए गए हैं। जल्द ही हाईवे और बाईपास की सीमा पर आने पेड़ों को चिह्नित किया जाएगा।
उधर, बाईपास का निर्माण हो जाने से करीब पांच लाख से ज्यादा लोगों को फर्राटा भरने में आसानी होगी। जाम के झाम से भी लोगों को राहत मिलेगी। रायबरेली जिले में तीन और प्रतापगढ़ जिले में एक बाईपास का निर्माण कराया जाएगा।
रायबरेली-प्रयागराज हाईवे पर पड़ने वाले बड़े कस्बों में अक्सर जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। हाईवे पर 24 घंटे वाहनों का आवागमन रहता है। जगतपुर, बाबूगंज, ऊंचाहार जैसे बड़े कस्बों में जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए चार बाईपास का निर्माण कराया जाएगा।
बाईपास के निर्माण सीमा में आने वाले आने वाले पेड़ों को हटाया जाना है। इसके लिए एनएचएआई की ओर से बजट भी दे दिया गया है।
निजी पेड़ों का किसानों को मिलेगा मुआवजा
रायबरेली-प्रयागराज हाईवे पर जगतपुर, नवाबगंज और ऊंचाहार इसके अलावा प्रतापगढ़ जिले के आलापुर कस्बे में बाईपास करीब 650 करोड़ रुपये लागत से बनाए जाने हैं। बाईपास के निर्माण में ज्यादातर पेड़ किसानों के आ रहे हैं। कितनी कीमत के पेड़ हैं।
इसका आकलन होने के बाद किसानों के खाते में धन भेजा जाएगा। हाईवे पर आने वाले पेड़ों को वन विभाग हटवाएगा। हाईवे और बाईपास के निर्माण के लिए 3300 पेड़ इसकी सीमा में आ रहे है। इन पेड़ों को हटाया जाना है।
बाईपास निर्माण होने से मुसाफिरों को आने-जाने में काफी राहत मिलेगी। चारों बाईपास का निर्माण करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना है। बाईपास बन जाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। हाईवे और बाईपास निर्माण की समय सीमा में आने वाले किसानों के पेड़ हटाए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग को एक करोड़ 9 नौ लाख रुपये दिया गया है।
-योगेश मलिक, उप प्रबंधक, एनएचएआई