रायबरेली। गैर प्रांतों से प्रवासियों को लेकर फर्राटा भरने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की रफ्तार रास्ते में इतनी कम हो जा रही है कि गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है। यही वजह है कि श्रमिक स्पेशल दूसरे दिन पहुंच रही है।
इंतजार में बैठे प्रशासनिक, पुलिस, रेलवे और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। इस भीषण गर्मी में लंबा सफर तय करने वाले प्रवासियों की हालत भी खराब होती जा रही है। ट्रेन से उतरने के बाद परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होती है, फिर रोडवेज बस के सफर से इन प्रवासियों को दो-चार होना पड़ रहा है।
गुरुवार को सुबह 11 बजे सूरत से श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यहां आने का समय निर्धारित था, जो रात 11.25 बजे यहां पहुंची। 24 कोच वाली इस ट्रेन में 1595 प्रवासी सवार थे, जिन्हें उतारने के बाद उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई और फिर 50 बसों से उन्हें उनके गृह जनपद रवाना किया गया।
इस प्रक्रिया में करीब ढाई घंटे लग गए। यानी पूरी रात अफसरों की टीम के साथ व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को परेशान होना पड़ा। गुरुवार दोपहर 1 बजे अहमदाबाद से आने वाली श्रमिक स्पेशल शुक्रवार को दोपहर 1.15 बजे आई, जिसमें सवार 658 प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई।
इस गाड़ी में 22 कोच लगे थे, जबकि प्रवासियों को ले जाने के लिए 38 बसें लगाई गईं। पूना से प्रतापगढ़ जाने वाली श्रमिक स्पेशल दोपहर 3 बजे यहां रुकी, जिससे चार प्रवासियों को उतारा गया और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद एक बस से उन्हें भेजा गया। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनें विलंब से चल रही हैं।