फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संगठन को मजबूत करने को दिए टिप्स और लिए गए सुझाव

विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। कांग्रेस की यूपी में पार्टी की खिसकती जमीन को वापस लाने की मुहिम सांसद सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र से एक बार फिर शुरू हुई है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा के दिशा-निर्देश पर सोमवार को भुएमऊ गेस्ट हाउस में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में न सिर्फ संगठन को मजबूत करने को रणनीति बनाई गई, बल्कि पदाधिकारियों को टिप्स दिए गए और उनसे सुझाव मांगे गए।
विज्ञापन

ट्रेनरों ने प्रशिक्षण कार्यशाला में राजनीति, कांग्रेस की नीतियों और भाजपा के खिलाफ किस तरह विरोध करना है, इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। अंदरखाने की मानें तो प्रशिक्षण में भाजपा की ओर से लागू किए गए नागरिकता संशोधन कानून को पुरजोर तरीके से विरोध करने को लेकर भी गुफ्तगू हुई।
पहले दिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के 37 जिलों के जिला इकाई और शहर इकाई के करीब 70 जिलाध्यक्षों ने प्रशिक्षण कार्यशाला में हिस्सा लिया। सर्दी और कोहरे के बीच दूरदराज से आए पदाधिकारी एक के बाद एक गेस्ट हाउस में प्रवेश करते रहे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव सचिन नायक की मौजूदगी में प्रशिक्षण की शुरुआत की गई।
विज्ञापन

कांग्रेस सूत्रों की मानें तो प्रशिक्षण का पूरा फोकस संगठन को मजबूत बनाने पर आधारित रहा। ट्रेनरों के जरिए जिलाध्यक्षों को राजनीति में किस तरह सक्रिय रहा जाए और जमीन को मजबूत किया जाए, के बारे में बताया गया। कांग्रेस पार्टी की क्या है, पार्टी की क्या नीतियां हैं, यह कितनी पुरानी है, आदि के बारे में पदाधिकारियों के विस्तार से बताया गया।
सत्ता में खड़ी भाजपा को किस तरह से उखाड़ फेंकना है और उसकी गलत नीतियों को जनता के बीच कैसे पहुंचाना है। इसके बारे में भी प्रशिक्षकों ने विस्तार से जानकारी दी। इन सभी जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण 22 जनवरी को संपन्न होगा। कहा जा रहा है कि इनका प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही यह भुएमऊ गेस्ट से बाहर निकलेंगे।
प्रशिक्षण के जरिए कांग्रेस रायबरेली से पूरी यूपी में संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश कर रही है। जिला कांग्रेस कमेटी रायबरेली के जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने बताया कि चार दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत हो गई है। जिला इकाई और शहर इकाई के जिलाध्यक्षों को राजनीति, कांग्रेस पार्टी के बारे में जानकारी के साथ ही भाजपा की कैसे खिलाफत की जानी है, इस बारे में भी बताया जा रहा है।
भुएमऊ गेट हाउस में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला रखी गई है। 22 जनवरी तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिला इकाई, शहर इकाई के अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 23 और 24 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के जिला, शहर इकाई के अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उधर, कहा जा रहा है कि 22 जनवरी को गेस्ट हाउस में प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की भी बैठक हो सकती है।
भुएमऊ गेस्ट हाऊस में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला से मीडिया को पूरी तरह से दूर रखा गया। गेस्ट हाउस के अंदर न तो किसी को जाने दिया गया और न ही पार्टी की तरफ से प्रशिक्षण के बारे में कोई जानकारी दी गई। प्रशिक्षण लेने तक को बाहर नहीं आने दिया गया, जबकि इन लोगों के बाहर निकलने और उनसे जानकारी हासिल करने के लिए मीडिया कर्मी डटे रहे।
सुबह लोगों के आने से गेस्ट हाउस के बाहर मामूली चहल-पहल जरूरी दिखी, लेकिन बाद में गेट बंद कर लिया गया। बाहर केवल पुलिस कर्मी तैनात रहे। यही नहीं संगठन के अधिकतर वरिष्ठ नेताओं तक को गेस्ट हाउस के अंदर इंट्री नहीं दी गई। इंट्री न मिलने से कुछ नेताओं में इसका मलाल भी रहा।
चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा भी भाग ले सकती हैं। उनके कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहले ही दिन चर्चा रही, लेकिन वे नहीं आई। कहा जा रहा है कि 21 या फिर 22 जनवरी को प्रियंका यहां आकर कार्यक्रम में भाग लेंगी। हालांकि इस बारे में न तो पार्टी के पदाधिकारी और न ही जिले के अफसर कुछ बोल रहे हैं। एसडीएम सदर राजेंद्र शुक्ला का कहना है कि प्रियंका वाड्रा के अभी यहां आने का कोई कार्यक्रम अभी नहीं आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें