रायबरेली। अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता श्रीवास्तव ने गैर इरादतन हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों को 10-10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जमीन पर खूंटा लगाने को लेकर हुए विवाद में हत्या के मामले में न्यायालय ने तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सरेनी थाना क्षेत्र के छतौना गांव में 07 दिसंबर 2011 को खूंटा लगाने और दीवार की ईंट गिरने के विवाद को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों को गंभीर रूप से पीटकर घायल कर दिया था। कुल्हाड़ी व लाठी ठंडों से पिटाई के बाद इलाज के दौरान रामखेलावन की मौत हो गई थी।
मामले में मृतक के भाई राम गोपाल ने सरेनी थाने में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय कुमार पांडेय के मुताबिक सरेनी थाना क्षेत्र के छतौना में रामखेलावन की गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता श्रीवास्तव ने आरोपी तीनों भाइयों राजेंद्र, बच्चूलाल व रामप्यारे को दोषी करार दिया है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर तीनों भाइयों को सजा सुनाई। तीनों आरोपी भाइयों को 10-10 साल की सश्रम कारावास की सजा के साथ ही पांच-पांच हजार रुपयेे का जुर्माना भी लगाया है।