रायबरेली। पॉवर कॉर्पोरेशन अब निजी नलकूपों पर मीटर लगाएगा। मीटर लगने के बाद जो उपभोक्ता जितनी ज्यादा बिजली खर्च करेगा, उसे उतनी ही ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। नलकूपों पर मीटर लगाने के लिए चार निजी एजेंसियों को लगाया गया है।
जिले में करीब 70 हजार से ज्यादा नलकूप के कनेक्शन हैं। इसमें से पुराने कनेक्शनों में मीटर नहीं लगे हैं। साढ़े सात किलोवॉट के कनेक्शन पर किसानों से हर माह करीब 1400 रुपये फिक्स चार्ज लिया जाता है। वहीं पांच किलोवॉट के कनेक्शन पर किसान एक हजार रुपये देते हैं।
इन कनेक्शन पर किसान कितनी बिजली खर्च करता है, इसका कोई रिकॉर्ड पॉवर कॉर्पोरेशन के पास नहीं है। इस समस्या को देखते हुए अब नलकूप कनेक्शन पर भी मीटर लगाए जाएंगे। पुराने कनेक्शन वाले 21 हजार किसानों को चिह्नित किया गया है। इन उपभोक्ताओं के यहां जल्द मीटर लगाए जाएंगे। शेष बचे अन्य कनेक्शनों भी मीटर लगाए जाएंगे।
पांच किलोवॉट में चल रही साढ़े सात या 10 किलोवॉट की मोटर
करीब 20 साल पहले ज्यादातर किसानों ने पांच किलोवॉट का कनेक्शन लिया था। इससे पांच किलोवॉट की मोटर लगाकर वह नलकूप चलाते थे। जलस्तर घटने की वजह से किसानों ने सबमर्सिबल की बोरिंग करा ली है। इन सबमर्सिबल में साढ़े सात किलोवॉट की मोटर पड़ी है।
कई किसानों ने ज्यादा पानी दोहन के लिए 10 किलोवॉट की मोटर डाल रखी है, लेकिन बिजली का बिल पांच किलोवॉट का ही भर रहे हैं। इससे वह खुलेआम राजस्व को चूना लग रहे हैं। पावर कॉर्पोरेशन चाहकर भी कार्रवाई नहीं कर पा रहा था। अब उनके कनेक्शनों में मीटर लग जाने से यह साफ हो जाएगा कि नलकूप में कितने किलोवॉट की मोटर पड़ी है।
सभी नलकूपों में लगाए जाएंगे मीटर
मीटर लगाने के बाद ही नलकूपों के नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं। पुराने नलकूप के कनेक्शन में जल्द मीटर लगाए जाएंगे। इसके लिए अब चार एजेंसियों को लगाया गया है। जरूरत पड़ी तो और एजेंसियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। ताकि जल्द से जल्द मीटर लग सकें।
-वाईएन राम, अधीक्षण अभियंता, पॉवर कॉर्पोरेशन