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एग्रो के पूर्व प्रभारी जिला प्रबंधक की सजा बरकरार, अपील खारिज

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रायबरेली। यूपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रियल कारपोरेशन के पूर्व प्रभारी जिला प्रबंधक की ओर से दाखिल अपील सेशन कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
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पूर्व प्रभारी जिला प्रबंधक की ओर से जिले में 107 बरात घरों के निर्माण के लिए जारी राशि के दुरुपयोग का दोषी पाए जाने के फैसले के खिलाफ अपील की गयी थी।
सेशन जज अब्दुल शाहिद ने अपीलकर्ता की अपील खारिज करते हुए अधीनस्थ न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखने का निर्णय बहाल रखा।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य ने बताया कि जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के तत्कालीन परियोजना निदेशक प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने तीन अगस्त 2008 को एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट में तत्कालीन जिला प्रबंधक पर जिले में 107 बरात घरों के निर्माण के लिए जारी राशि में से करीब डेढ़ करोड़ की धनराशि के गबन व दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था।
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मामले में एसीजेएम कोर्ट ने 26 जून 2013 को एग्रो के तत्कालीन प्रभारी जिला प्रबंधक अशोक कुमार श्रीवास्तव को धारा 420, 467, 468, 471 के आरोप में दोषमुक्त कर दिया, लेकिन धारा 409 आईपीसी के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
इस निर्णय के खिलाफ एग्रो के तत्कालीन प्रभारी जिला प्रबंधक ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी जो सुनवाई के बाद खारिज हो गयी।
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