सरेनी के गौतम चौराहे पर अधेड़ की मौत के बाद हंगामा करते ग्रामीण।
- फोटो : संवाद
सरेनी (रायबरेली)। सरेनी इलाके में रविवार शाम करीब तीन बजे परिजनों और दुकानदारों ने टीवी कारीगर का शव रखकर मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान सभी ने पुलिस को कोसा। आरोप लगाया कि बेटे को जेल भेजने के सदमे में आकर कारीगर ने खुदकुशी की है। उनका बेटा निर्दोष था। उसे फर्जी तरीके से जेल भेजा गया। घटना से गुस्साए दुकानदारों ने सरेनी बाजार बंद रखा। दो घंटे तक मार्ग जाम होने से आवागमन ठप रहा।
सरेनी बाजार निवासी धुनारी उर्फ राजेश कुमार प्रजापति (42) पुत्र शिवनारायण के बेटे करण प्रजापति को मौनी मोहल्ला के अतुल तिवारी की हत्या के आरोप में पुलिस ने बीती आठ अप्रैल को जेल भेज दिया था। बेटे के जेल जाने से धुनारी गुमसुम रहते थे। शनिवार शाम करीब चार बजे धुनारी ने घर के अंदर खुदकुशी कर ली थी। वह टीवी कारीगर थे। सरेनी बाजार में उनकी दुकान थी। जिला मुख्यालय में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजन व लोग आक्रोशित हो गए। दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दीं।
गुुस्साए लोगों ने शव रखकर लालगंज-सरेनी मार्ग जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया और पुलिस पर भड़ास निकाली। सूचना पर कई थानों की पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पत्नी श्यामा देवी का कहना था कि उनका बेटा बेकसूर था। पुलिस ने उसे फर्जी मामले में जेल भेज दिया। उसे जेल से रिहा किया जाए। अतुल हत्याकांड में उनका एक रिश्तेदार ही शामिल है। बावजूद पुलिस ने बेटे पर केस दर्ज कर दिया।
पूर्व विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह और सीओ लालगंज अनिल कुमार सिंह ने बेटे को न्याय दिलाने की बात कही। इस पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान आवागमन ठप होने से लोगों को दूसरे रास्तों से निकलना पड़ा।