रायबरेली। जिले में संचालित पांच राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या काफी कम है। इस बात का खुलासा राज्य स्तर पर जारी हुई सूची से हुआ है। राज्य परियोजना ने बच्चों की संख्या कम होने पर नाराजगी जताई है। यह कहा है कि जब इतनी सारी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं तो बच्चों की संख्या कम कैसे है। नए बच्चों के प्रवेश में तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं। मंडल स्तर से लापरवाह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बैठक होगी फिर हर हफ्ते प्रवेश की समीक्षा कराई जाएगी।
जिले में 45 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। यू-डायस डाटा के अनुसार वर्ष 2023-24 की छात्र संख्या के आधार पर समग्र शिक्षा माध्यमिक के राज्य परियोजना कार्यालय ने दो सूची तैयार की है। पहली सूची में 50 से कम छात्र संख्या वाले हाईस्कूल स्तर के विद्यालय तो दूसरी सूची में 100 से कम छात्र संख्या वाले इंटर स्तर के कॉलेज शामिल हैं।
इन दोनों सूची में इस जिले के पांच विद्यालयों में छात्र संख्या कम पाई गई है। हाईस्कूल स्तर पर राजकीय हाईस्कूल छतोह में 37 और राजकीय हाईस्कूल जगतपुर में 46 बच्चे ही नामांकित मिले जबकि इंटर स्तर पर पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज असहन जगतपुर में 35, राजकीय इंटर काॅलेज छतोह में 41 और पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज हरीपुर निहस्था में 87 बच्चों के नामांकन का खुलासा हुआ है।
राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा का कहना है कि विद्यालयों में तमाम सुविधाएं दिए जाने के बाद भी बच्चों की संख्या कम होना खेदजनक है। उन्होंने संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र भेजते हुए कहा है कि जिला विद्यालय निरीक्षक और प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए सार्थक प्रयास करें।
नए बच्चों का प्रवेश बढ़े, इसके लिए हर सप्ताह समीक्षा करते रहें। प्रयास करें कि कक्षा आठ और 10 उत्तीर्ण करने वाले सभी बच्चों का दाखिला राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में हो। समग्र शिक्षा-माध्यमिक के जिला समन्वयक इरफान अहमद ने बताया कि सभी विद्यालयों में बच्चों के प्रवेश तेजी से करा रहे हैं। मंडल स्तर पर बैठक में जो भी निर्देश मिलेंगे, उनका अनुपालन किया जाएगा।