रायबरेली। बैंक में कर्ज दिलाने के नाम पर खोले गए खातों से जालसाजों ने लगभग 43 लाख रुपये मंगवाकर निकाल लिए। पीड़ितों का कहना है कि जब वे पास बुक प्रिंट कराने बैंक पहुंचे तो उनको अवैध लेन-देन का पता चला। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झाला बाग गांव निवासी राजेश कुमार ने बताया कि गुड़िया गोपालपुर गांव के अमित कुमार व हटवा के लवकुश ने बिना ब्याज पांच लाख रुपये का कर्ज दिलाने की बात कही और उन्हें बैंक में खाता खुलवाने के लिए राजी कर लिया। इनके साथ गांव के राजू यादव, बब्लू, हरिश्चंद्र, हिमांशु मौर्य, पावरगंज मजरे सुमेर बाग निवासी संजीव कुमार व उनकी पत्नी गीता देवी का बैंक खाता यूको बैंक ऊंचाहार में खुलवाया।
इसके साथ ही जालसाजों ने बैंक एटीएम व मोबाइल नंबर अपने पास रख लिए। आरोप है कि धोखाधड़ी कर आरोपियों ने राजेश के खाते में सात लाख, राजू यादव के खाते में 3.5 लाख, बबलू के खाते में तीन लाख, हरिश्चंद्र के खाते में 5.5 लाख, हिमांशु मौर्य के खाते में 5.3 लाख व पावरगंज मजरे सुमेर बाग संजीव कुमार के अकाउंट में 6.5 लाख व उनकी पत्नी गीता देवी के खाते में 12 लाख रुपये मंगवाए और निकाल भी लिए। इसकी जानकारी खाताधारकों को नहीं हुई।
एक दिन राजेश बैंक में पासबुक प्रिंट कराने पहुंचे, तो उनको खाते से संदिग्ध लेन देन होने की बात पता चली। उन्होंने सभी के खाते चेक कराए तो उनके होश उड़ गए। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार राय ने बताया कि अमित कुमार व लवकुश के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।