रायबरेली। जिला महिला अस्पताल में बीते रविवार को तीमारदारों और सुरक्षा गार्डों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद सिजेरियन प्रसव के लिए भर्ती कराई गई महिला को डिस्चार्ज कराने के मामले की जांच हाेगी। डीएम सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर सीएमएस ने जांच के लिए दो सदस्यीय आंतरिक जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
बीते शनिवार को मुंशीगंज क्षेत्र के मनीष त्रिपाठी ने अपनी बहू प्रियांशी को सिजेरियन प्रसव के लिए गत जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रियांशी का सिजेरियन प्रसव गत रविवार सुबह करीब नौ बजे होना निर्धारित था। इसी दौरान परिवार के कुछ लोग अस्पताल के मुख्य गेट से अंदर जाना चाह रहे थे, लेकिन गार्डों ने अंदर जाने से मना कर दिया था। तीखी नोकझोंक के दौरान गार्डों पर गालियां देने के आरोप लगाए गए हैं। स्थिति बिगड़ने पर परिवार के सदस्यों ने प्रियांशी को अस्पताल से डिस्चार्ज करवा लिया था।
डीएम के निर्देश पर सीएमएस ने प्रशासनिक अधिकारी वंदना त्रिपाठी और चीफ फॉर्मासिस्ट अरविंद प्रकाश गुप्ता की आंतरिक जांच कमेटी गठित कर दी है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. निर्मला साहू ने बताया कि मामले की जांच के लिए आंतरिक जांच कमेटी गठित कर दी गई है। मामले की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।