भीगता रहा किसानों का धान
बछरावां। क्षेत्र में साधन सहकारी समिति रानीखेड़ा, साधन सहकारी समिति बन्नावा, नेफेड के धान क्रय केंद्र तिलेंडा में किसानों का धान बेमौसम बारिश में भीग गया। बछरावां कस्बे के बांध टोला निवासी विनोद कुमार सोमवार शाम को अपना धान नेफेड के धान क्रय केंद्र तिलेंडा ले गए थे। जहां मंगलवार को हुई बारिश से धान भीग गया, क्योंकि केंद्र पर बारिश से बचाव का कोई इंतजाम नहीं था। नेफेड के धान क्रय केंद्र तिलेंडा प्रभारी हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि तिरपाल और पन्नी की जिम्मेदारी किसानों की है।
बोले किसान, धान रखने की व्यवस्था नहीं
महराजगंज। कस्बे के मंडी स्थल पर विपणन शाखा की ओर से खोले गए तीन क्रय केंद्रों पर किसानों का धान तौलने में मनमानी की जा रही है। किसान कई दिन से धान तौलाने के लिए रात गुजारने को मजबूर हैं। इससे केंद्रों के बाहर ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरा धान बारिश में भीग गया। किसान धर्मराज, चंद्रपाल व जगदीश का कहना है कि केंद्रों पर धान रखने की व्यवस्था नहीं है। बारिश में हमारा धान भीग गया।
धान ढकना नहीं समझा उचित
सतांव। सतांव ब्लॉक क्षेत्र के मलिकमऊ स्थित क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति कोरिहर में खुले में रखा धान बारिश में भीग गया। केंद्र प्रभारियों ने धान ढकना जरूरी नहीं समझा। यही नहीं बारिश में धान की तौल खुले आसमान में करने से किसानों में आक्रोश रहा। तौल न होने से किसानों का धान भीग गया। जिससे उन्हें अब तौल कराने के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। बांसगांव के किसान जगन्नाथ वर्मा व जगनायक सिंह का कहना है कि खुले में धान तौलने से उनका धान भीग गया।
रायबरेली। जिले में शुरुआती दौर से खराब चल रही धान खरीद व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं आ पाई है। उठान न होने से क्रय केंद्रों पर 40 हजार मीट्रिक टन धान डंप है। जगह न होने के कारण अधिकतर सेंटरों पर धान खुले में लगा है। तौल न होने से किसानों का धान खुले में ट्रैक्टर-ट्रालियों में रखा है।
मंगलवार को हुई हल्की बारिश में कई सेंटरों पर रखा और किसानों का केंद्रों पर लगा धान भीग गया। एक तरफ धान खरीद धीमी है, वहीं खराब मौसम से किसान बेहाल हैं।
जिले के 71 क्रय केंद्रों पर इस बार धान तौल कराई जा रही है। वैसे तो एक लाख 71 मीट्रिक टन धान खरीदा जाना है, लेकिन सेंटरों पर व्याप्त अव्यवस्था के चलते खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
कहीं पर टोकन न मिलने से तो कहीं पर खराब धान बताकर किसानों का धान तौल करने में आनाकानी की जा रही है। हाल ये है कि धान तौलाने के लिए किसानों को केंद्रों पर रात गुजारनी पड़ रही है।
तौल ही नहीं, बल्कि केंद्रों पर लगे धान की उठान भी तेजी से नहीं हो रही है। इससे सेंटरों पर धान रखने की जगह नहीं है। अधिकतर केंद्रों पर धान क्रय केंद्रों के बाहर लगा है। मंगलवार को बदले मौसम के मिजाज और हुई हल्की बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी।
बिना ऑनलाइन टोकन के दो दिन में धान खरीदने के निर्देश
खाद्य तथा रसद विभाग के आयुक्त सौरभ बाबू ने खराब मौसम को देखते हुए बिना ऑनलाइन टोकन के दो दिन में किसानों का धान खरीदने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने आदेश जारी किया है कि तकनीकी कारणों से पूर्व में ऑनलाइन टोकन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।
30 दिसंबर से कृषकों को ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने का विकल्प खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध होगा। किसान स्वयं यूपी किसान मित्र, जनसुविधा केंद्र अथवा किसी भी कंप्यूटर, टैबलेट, मोबाइल के माध्यम से टोकन प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के अंतर्गत किसान अपने नजदीकी केंद्र के लिए टोकन प्राप्त कर सकते हैं। किसानों की सुविधा के लिए सुबह 10 बजे से पांच बजे तक टोकन जारी किए जा सकेंगे। कृषक आगामी दो दिन के टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
जिले में अब तक एक लाख 32 हजार मीट्रिक धान खरीदा जा चुका है। इसके सापेक्ष किसानों को 175 करोड़ 32 लाख का भुगतान करा दिया गया है। केंद्रों पर उठान के लिए 40 हजार मीट्रिक टन धान डंप है। मौसम को देखते हुए धान खरीद तेजी के साथ कराई जा रही है। धान उठान भी कराई जा रही है। वहीं केंद्रों के बाहर लगे धान को ढक दिया गया है। किसी भी केंद्र पर धान नहीं भीगा है।
- रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ