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Raebareli News: उद्योगों का कब्रिस्तान बना औद्योगिक क्षेत्र, मिट्टी तक चोरी

Wed, 14 Jan 2026 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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औद्योगिक क्षेत्र लालगंज अब तक तकरीबन 25 उद्यम स्थापित हुए थे। एक-एक करके इसमें से अधिकांश बंद हो गए। वर्तमान में बमुश्किल चार से पांच उद्यम ही दम भर पा रहे हैं। संसाधनों व सुविधाओं के अभाव में बाकी उद्यम बंद हो गए। यूपीसीडी को संवारने की जिम्मा था, लेकिन उद्यमियों को सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। 10.47 एकड़ में फैला औद्योगिक क्षेत्र उद्योगों के कब्रिस्तान की तरह नजर आता है। एक दशक पहले भवन भी खंडहर हो चुके हैं।
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सभाओं व बच्चों के खेलने-कूदने के काम आ रही जमीन
फोटो संख्या 15
परशदेपुर के मटियारा चौराहा के पास 10.10 एकड़ में स्थित औद्योगिक क्षेत्र की भूमि बिना उपयोग पड़ी है। कुछ भूमि पर लोगों ने कब्जा कर रखा है तो एक बीघे से अधिक में खनन माफियाओं ने मिट्टी तक खोद कर बेच डाली। पूर्व में उद्यम लगाने के लिए भवन तो बनवाए गए, लेकिन उद्यम स्थापित नहीं हो सके। भवन पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो गए हैं। अब इसका उपयोग राजनीतिक सभाओं व बच्चों के खेलने-कूदने में हो रहा है।

राइसमिल बचाए है क्षेत्र की लाज
फोटो संख्या 14
छतोह में उद्यमियों के लिए 10.69 एकड़ भूमि आरक्षित है। अब तक यहां उद्यम दम नहीं भर पा रहे हैं। एकमात्र राइसमिल ही संचालित हो रही है। खाली पड़ी कुछ जमीन पर लोगों ने कब्जा करके अवैध निर्माण तक करा लिया है। सुरक्षा के नाम पर भी यहां अब तक कुछ नहीं किया गया।
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फोटो संख्या 28
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। उपेक्षा के कारण जिले के औद्योगिक क्षेत्र लालगंज, सलोन, परशदेपुर, छतोह और महराजगंज अपना वजूद बचाए रखने की कवायद से जूझ रहे हैं। कहीं उद्योग स्थापित कराने के लिए बनवाए गए भवन खंडहर में तब्दील हो गए हैं तो कहीं खाली पड़ी जमीन अतिक्रमण की चपेट में है। परशदेपुर में तो खनन माफिया उद्योग क्षेत्र के लिए आरक्षित जमीन से मिट्टी तक चुरा कर उसे गड्ढा युक्त बना रहे हैं। रखरखाव और ध्यान न देने के अभाव में यह क्षेत्र उद्योगों के कब्रिस्तान बन गए हैं। ऐसे में लोगों के हाथों को रोजगार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
सलोन में कुछ उद्योग काम कर रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) की लापरवाही के कारण सड़कें व नालियां बदतर हो चुकी हैं। वर्ष 1986 में जब से आस्थानों के विकास का जिम्मा यूपीसीडा के मिला था, तब ये दर-ब-दर इनकी दशा बदहाल हो गई। उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहिताश सिंह के प्रयास से एक बार फिर उद्योग केंद्र को इन आस्थानों का जिम्मा देने का आदेश होने के बाद उद्यमियों व बेरोजगार लोगों में विकास की उम्मीद जागी है। जल्द ही स्थानीय उद्यमियों को अपना उद्यम लगाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र को वरीयता मिलेगी।
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