छात्र-छात्राओं व गरीबों को संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सभी योजनाओं में बजट की ही समस्या है। बजट न मिल पाने के बाद कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राओं का वजीफा बंद है।
शादी अनुदान के लिए भी बजट न मिलने के कारण तीन हजार से अधिक आवेदनपत्रों को निरस्त किया गया है। कन्या विद्याधन के लिए बजट तो आया है, लेकिन छह माह बाद भी मेधावियों को इसका लाभ नहीं मिल सका है।
इसके अलावा अन्य योजनाओं पर भी बजट का ग्रहण लगा हुआ है। पर्याप्त बजट के अभाव में लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश सरकार 12 फरवरी को सालाना बजट घोषित कर सकती है।
इस बजट में जिले के छात्र-छात्राओं व गरीबों को कुछ मिलने की आस है। जिले में सभी छात्र-छात्राओं को वजीफा मिलता था। पिछले साल से बजट के अभाव में कक्षा आठ तक के बच्चों को वजीफा नहीं मिल पा रहा है।
इस साल भी बजट अब तक नहीं आया है। ऐसी स्थिति में बच्चों को वजीफा मिल पाना संभव नहीं लग रहा है। दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन कराए गए हैं, लेकिन 20-25 प्रतिशत बच्चों को ही छात्रवृत्ति मिलने की उम्मीद है।
क्योंकि पिछले साल 66 हजार आवेदन भरे गए थे। जिसमें करीब 15 हजार बच्चों को वजीफा मिल पाया था। गरीबों की बेटी की शादी के लिए 10 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाता था।
यह योजना भी बजट के अभाव में दो साल से बंद है। जमा होने के बाद भी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। 12 फरवरी को आने वाले प्रदेश सरकार के सालाना बजट से युवाओं व छात्र-छात्राओं को काफी उम्मीदें हैं।
प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद पहली बार करीब 40 हजार बच्चों को लैपटॉप दिया गया। लेकिन इसके बाद बच्चों में लैपटॉप का वितरण नहीं हुआ।
इंटरमीडिएट के कुछ टॉपरों को लैपटॉप जरूर दिया गया। 494 टॉपरों को इस बार भी चुना गया है। लेकिन उन्हें अब तक लैपटॉप नहीं दिया गया है। सभी लैपटॉप के इंतजार में हैं।
इसमें यूपी बोर्ड के अलावा अन्य बोर्ड से इंटर की परीक्षा पास करने वाले टॉपरों को शामिल किया गया है। कन्या विद्याधन का लाभ भी इस बार गरीब छात्राओं के स्थान पर टॉपरों को देने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए 1,268 छात्राओं को चुना गया है। इसके लिए छह महीने से बजट भी रखा हुआ है। इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद भी लैपटॉप व कन्या विद्याधन न पाने वाले छात्र-छात्राओं की उम्मीद अभी भी नहीं टूटी है।
जगतपुर कस्बा निवासी ओम प्रकाश का कहना है कि लैपटॉप अब तक नहीं मिला। लेकिन आशा है कि कभी न कभी मिल ही जाएगा। भीख गांव की छात्रा अकबरुनिशा को भी लैपटॉप नहीं मिला है।
उसे उम्मीद है कि बजट आने के बाद जरूर मिलेगा। बदगदहा गांव निवासी शिवकली ने बेटी राजकन्या की शादी के अनुदान के लिए आवेदन किया था।
लेकिन बजट के अभाव में उसे अनुदान नहीं मिला। उसका कहना है कि बजट न आने के कारण लाभ नहीं मिला। तिवारीपुर गांव निवासी इंटर पास रीता देवी का कहना है, कि 2014 में परीक्षा पास किया है, लेकिन कन्या विद्याधन नहीं मिला है।
छात्रा प्रीती देवी का कहना है कि उसे भी कन्या विद्याधन नहीं मिला, लेकिन मिलने की उम्मीद जरूर है। डीआईओएस डॉ. विनय मोहन का कहना है कि इस बार 494 बच्चों को लैपटॉप देने के लिए चुना गया है।
शासन से निर्देश मिलने के बाद वितरण होगा। कन्या विद्याधन के लिए बजट मिल गया है। जल्द ही वितरण होगा। कन्या विद्याधन व लैपटॉप केवल टॉपरों को ही दिया जा रहा है।
समाज कल्याण अधिकारी एके सिंह का कहना है कि कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राओं को वजीफा देने के लिए शासन से बजट नहीं मिल रहा है। इसके अलावा शादी अनुदान के लिए भी बजट नहीं आया है। बजट मिलते ही लाभ दिया जाएगा।