रायबरेली। ठंड में बुखार के साथ ही कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ गया है। मंगलवार को बुखार से पांच माह की बच्ची की मौत गई। 31 मरीजों को जिला में भर्ती किया गया। ओपीडी में भीड़ रही। उल्टी-दस्त, बुखार, जुकाम के ज्यादा मरीज चिकित्सीय सलाह लेने के लिए पहुंचे।
जिला अस्पताल में मंगलवार को बुखार और डायरिया के चपेट में आने के बाद सुरेश (51), मुकुल (23), उजैना (1), सबा (24), कुसुमा (43), सरोज (65), रोहित (30), आदर्श (33), शिवमंगल (43), अंजली (8), सनी (20), उर्जित (40) समेत 18 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। सीने में दर्द और सांस की समस्या के भी 13 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया।
सतांव क्षेत्र के हाजीपुर गांव की पांच माह की आस्था बुखार से परेशान थी। मंगलवार को लालगंज सीएचसी में भर्ती किया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। परचा काउंटर, दवा काउंटर के साथ ही पैथोलॉजी में भी भीड़ रही। ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों ने बारी आने का इंतजार किया हृदय रोग विभाग और मेडिसिन विभाग में सबसे ज्यादा मरीज आए।
ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में दवाओं का संकट
सीएचसी, पीएचसी में मरीज बढ़ने के साथ दवाओं का संकट बढ़ गया है। पैरासीटामॉल सहित अन्य दवाओं का संकट बढ़ गया है। मरीजों को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। रोक के बाद भी चिकित्सक खुलेआम बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा का कहना है कि सभी सीएचसी अधीक्षकों को अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों को बाहर से दवाएं लिखने से रोका गया है।