रायबरेली। बछरावां क्षेत्र के तमनपुर गांव के पशुआ पुल के पास मिले पगचिह्न तेंदुआ के नहीं, बल्कि सियार के थे। इसकी पुष्टि लखनऊ में कराई गई जांच के बाद हुई। हालांकि, ग्रामीणों में अब भी दहशत है। वन विभाग की टीम ने शनिवार रात सर्च अभियान चलाया, लेकिन सियार का पता नहीं चला। रविवार को भी टीम ने ग्रामीणों के साथ खेतों और जंगल में खोजबीन की।
बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के तमनपुर गांव निवासी पंकज व संजय शुक्रवार रात करीब 11.30 बजे धान की फसल की रखवाली करने के लिए खेत जा रहे थे। गांव से करीब डेढ़ किमी. पहले दोनों ने गांव जाने वाली सड़क पर एक वन्यजीव को देखा, जो तेंदुआ जैसा लग रहा था। दोनों भागकर गांव पहुंचे और अन्य ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी।
सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तमनपुर के अलावा सेंहगो, सेंहगो पूरब, सलेमपुर गांवों में खोजबीन की, लेकिन वन्यजीव का पता नहीं चला। टीम को वन्यजीव के पगचिह्न जरूर मिले। प्रभारी डीएफओ मयंक अग्रवाल ने बताया कि पगचिह्न सियार के हैं। इसकी पुष्टि लखनऊ चिड़ियाघर में हुई जांच के बाद हुई है।