रायबरेली में शनिवार काे पावर सब स्टेशन पर मरम्मत का काम करते कर्मचारी।
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विद्युत उत्पादन निगम की लैंको और अनपरा परियोजना में कोयले की कमी का असर जिले में भी दिखने लगा है। शनिवार को ग्रामीण अंचलों में महज छह घंटे ही विद्युत आपूर्ति हुई। वहीं शहरी उपभोक्ताओं को भी अघोषित कटौती और ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ा।
पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों का कहना है कि विद्युत उत्पादन परियोजनाओं में कोयले की कमी के चलते ऐसा हुआ है। आपूर्ति सुधरने में एक सप्ताह का समय लग सकता है। जिले में शहरी उपभोक्ताओं को 22 और ग्रामीण क्षेत्रों में 14 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है।
शनिवार को ग्रामीण अंचलों में बिजली की जबरदस्त कटौती हुई। इससे ग्रामीण अंचलों के लालगंज, छतोह, सरेनी, सलोन, ऊंचाहार, खीरों समेत अन्य उपकेंद्रों से जुड़े करीब तीन लाख उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं शहरी उपभोक्ताओं को भी अघोषित कटौती और ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि पूर्वांचल क्षेत्र में तीन दिन बारिश होने के चलते रेल यातायात बाधित हो गया है। इसके चलते विद्युत उत्पादन निगम की लैंको व अनपरा परियोजना में कोयले की कमी आ गई है।
इससे बिजली उत्पादन घट गया है। शहरी क्षेत्र में अभी तक कोई कटौती नहीं की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित हुई है। उत्पादन बढ़ते ही आपूर्ति शेड्यूल के अनुसार की जाएगी।