रायबरेली में शुक्रवार को लालगंज के पूरे जालिमसिंह का पुरवा गांव में छात्र की मौत के बाद गमगीन प
लालगंज (रायबरेली)। दो दिन पहले लापता हुए डी फार्मा के छात्र सूरज कोरी का शव शुक्रवार सुबह गांव के पास जंगल में पेड़ पर फंदे से लटका मिला। हाथ-पैर पर छाले पड़े हुए थे, चमड़ी उधड़ी हुई थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि शरीर पर किसी ज्वलनशील पदार्थ को डाला गया है। हालांकि पुलिस इसे सिरे से नकार रही है और मामले को आत्महत्या से जोड़ रही है। परिवार के लोगों का आरोप है कि सूरज की हत्या कर शव लटका दिया गया।
सूरज मूलरूप से तेज सिंह का पुरवा, मजरे अलीपुर थाना बारा सगवर जनपद उन्नाव के रहने वाले थे। चार वर्षों से वह अपनी बुआ अनीता देवी के घर पूरे जालिम सिंह का पुरवा मजरे गौरा रुपई में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। वह डी फार्मा द्वितीय वर्ष के छात्र थे, कस्बे की एक पैथोलॉजी में नौकरी भी करते थे।
परिजनों के मुताबिक बुधवार की शाम वह फोन पर बात करते हुए घर से निकले थे लेकिन फिर नहीं लौटे। अगली सुबह परिजनों ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर जंगल में भैंस चरा रहीं महिलाओं ने सूरज के शव को पेड़ पर फंदे से लटका देखा तो शोर मचाया। सूचना मिलते ही घरवाले व ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को इसकी जानकारी दी।
पुलिस ने शव को पेड़ से उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को घटनास्थल से युवक का मोबाइल मिला है। सूरज की मौत से परिवार के लोग बेसुध हैं। माता कांति देवी, छोटी बहन ममता, बुआ अनीता देवी, फूफा नंदलाल और फुफेरा भाई शुभम बदहवास से हो गए हैं। सूरज दो भाइयों में छोटे थे। बड़े भाई मोहन विदेश में हैं।