रायबरेली। वैशाख में ही जेठ की दोपहर का अहसास हो रहा है। शनिवार को अधिकतम पारा 46 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस साल अप्रैल का यह सबसे गर्म दिन रहा।
दोपहर में ऐसा लगा मानो आसमान से आग बरस रही हो। लोग गर्मी में बेहाल दिखे और उनका घर से निकलना दूभर हो गया। सड़कें सूूनी रहीं।
गर्मी अपने पूरे चरम पर है। हर दिन गर्मी बढ़ती जा रही है। यह हाल तब है, जब पहले से ही लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। चाहे फिर शहर हो या फिर देहात क्षेत्र।
बिजली कटौती ने लोगों का चैन छीन लिया है। वहीं दूसरी ओर आसमान से बरस रही आग ने लोगों को और परेशान कर दिया है।
उमस भरी गर्मी के चलते लोग घर से निकलने में कतरा रहे हैं। कूलर और पंखे से भी गर्मी का अहसास कम नहीं हो रहा है। शहर आए लोग पसीने से तर बतर नजर आ रहे हैं।
शनिवार को तल्ख भरी धूप की वजह से जिला अस्पताल चौराहा, डिग्री कॉलेज चौराहा, सिविल लाइंस चौराहा, सुपर मार्केट, कैपरगंज, रेलवे स्टेशन रोड समेत अन्य स्थानों पर दोपहर के वक्त सन्नाटा पसरा रहा।
इक्का-दुक्का लोग ही सड़कों पर घूमते नजर आए। गर्मी के कारण ईद पर्व पर भी दोपहर के वक्त बाजारों में भीड़भाड़ कम दिखी। कयास लगाए जा रहे हैं कि जेठ माह में पारा तपिश के नए रिकॉर्ड बना सकता है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बढ़े मरीज
गर्मी के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। ओपीडी में सबसे ज्यादा सर्दी, खांसी-जुकाम के मरीजों की तादाद रहती है। इलाज कराने को लेकर ओपीडी में मरीजों के बीच मारामारी रहती है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.बीरबल का कहना है कि गर्मी से बचने की जरूरत है। धूप में कतई न निकलें। धूप में रहकर घर जाने पर तुरंत ठंडा पानी ना पिएं। यदि ऐसा करेंगे तो सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित हो जाएंगे। गर्मी को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। घर से निकलने पर चेहरा ढककर निकलें।