ऊंचाहार (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र के आइमा जहनिया गांव में संदिग्ध हालात में एक युवक ने खुद को आग लगा ली। कमरे से धुआं निकलने पर आसपास के लोगों को जानकारी हुई। माता-पिता की मौत के बाद वह अपने भाइयों से अलग रहता था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव निवासी मुकेश पाल (30) पांच साल से मानसिक रूप से बीमार था। माता-पिता की मौत के बाद से वह भाई से अलग एक कमरे में रहता था। बीमारी की वजह से उसकी शादी भी नहीं हुई थी।
बताते हैं मंगलवार रात लगभग 10 बजे खाना खाने के बाद वह कमरे में चला गया। कुछ देर बाद संदिग्ध हालात में कमरे से लपटें उठने लगीं। कमरे से धुआं निकलने पर आसपास के लोगों को जानकारी हुई। इससे हड़कंप मच गया।
लोगों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि युवक मानसिक रूप से बीमार था। उसने आग लगाकर आत्महत्या की है।
पहले भी आत्महत्या का किया था प्रयास
बताते हैं कि दो माह पहले भी युवक ने आग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। दिन के समय गांव के लोगों ने देख लिया था और पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे समझाकर शांत करा दिया था।