रायबरेली। सलोन विधानसभा सीट से सपा उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल करने वाले सुरेश निर्मल का नामांकन बुधवार को निरस्त कर दिया गया।
एडीएम (प्रशासन) न्यायालय में बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। सपा के प्रदेश संगठन की ओर से घोषित उम्मीदवार सुरेश निर्मल से चुनाव चिह्न वापस लेने के कारण उनके नामांकन को खारिज कर दिया गया। इसके अलावा जांच में तीन और दावेदारों के नामांकन पत्रों को खारिज कर दिया गया।
अब मैदान में नौ उम्मीदवार बचे हैं। 11 फरवरी को नाम वापसी के बाद चुनाव चिह्न बांटे जाएंगे। इसके बाद क्षेत्र की तस्वीर साफ हो जाएगी।
सलोन विधानसभा क्षेत्र में 27 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया मंगलवार को पूरी हो गई। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई।
13 लोगों ने पर्चा भरा था। समाजवादी पार्टी से पहले सुरेश चौधरी और बाद में जगदीश प्रसाद ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। बुधवार को गहमागहमी के बीच नामांकन पत्रों की जांच की गई।
जगदीश प्रसाद के नामांकन के साथ समाजवादी पार्टी के प्रदेश संगठन का प्रपत्र उपलब्ध कराया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश संगठन की ओर से सुरेश चौधरी के स्थान पर जगदीश प्रसाद को सलोन सीट से प्रत्याशी घोषित किया गया है।
वहीं नामांकन पत्रों की जांच में किरन, जगसरन और रामसजीवन कागज अधूरे मिले। इस कारण इन तीनों का नामांकन भी निरस्त कर दिया गया। चार नामांकन पत्रों के निरस्त होने के बाद भाजपा, कांग्रेस, बसपा और सपा उम्मीदवार समेत नौ प्रत्याशी मैदान में बचे हैं।
विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर आशाराम वर्मा ने बताया कि सपा उम्मीदवार जगदीश प्रसाद ने प्रदेश संगठन का प्रपत्र उपलब्ध कराया, जिसमें सुरेश चौधरी की जगह उन्हें सपा का प्रत्याशी घोषित किया गया है। इसी कारण सुरेश के पर्चे को निरस्त कर दिया गया है। सुरेश की ओर से सिर्फ एक प्रस्तावक दिया गया था।
यदि 10 प्रस्तावक दिए गए होते तो पर्चे को वैध मानकर निर्दलीय उम्मीदवार बनाया जा सकता था। जांच के दौरान कुल चार नामांकनपत्र खारिज हुए हैं। 11 फरवरी को नाम वापसी के बाद चुनाव चिह्न का आवंटन किया जाएगा।