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काला गेहूं की करें बुवाई, मुनाफा कमाएं

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रायबरेली। आधुनिकता के इस दौर में खेती करने के तौर तरीके बदल रहे हैं। नई किस्म की खेती करके किसान कामयाबी हासिल कर रहे हैं। इसमें अब काला गेहूं की फसल का नाम भी जुड़ गया है। काला गेहूं का नाम गिने-चुने किसान ही जानते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इस जिले में काला गेहूं की फसल की बोवाई का रकबा बढ़ने लगा है। पिछले साल महज आठ किसानों ने इसकी खेती की थी, लेकिन इस बार 100 से ज्यादा किसानों ने काला गेहूं की फसल की बोवाई करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इस गेहूं का न सिर्फ उत्पादन अधिक होता है, बल्कि मार्केट में चार से छह हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से इसकी बिक्री होती है।
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जो अन्य गेहूं की फसल से दोगुना ज्यादा है। काला गेहूं खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही यह कई गंभीर बीमारियों के लिए लाभदायक भी होता है। जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि जिले में भी काला गेहूं की फसल की खेती करने में किसानों का रुझान बढ़ा है। इस बार भी करीब 100 किसान काला गेहूं की बोवाई करने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ किसानों ने गेहूं की बोवाई कर दी है। बाजार में कम उत्पादन के कारण इसका बाजार भाव 4000 से लेकर 6000 रुपये प्रति क्विंटल होता है। इस गेहूं की चपाती खाने से कई गंभीर बीमारियों में फायदा करती है।
कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके कनौजिया का कहना है कि काला गेहूं की बुवाई समय से एवं पर्याप्त नमी पर करना चाहिए। इसकी बुवाई 15 अक्तूबर से लेकर 30 नवंबर तक की जाती है। देर से बुवाई करने पर उपज में कमी होती है। जैसे-जैसे बुवाई में विलंब होता जाता है, गेहूं की पैदावार में गिरावट की दर होती चली जाती है। गेहूं की बुवाई सीडड्रिल से करने पर उर्वरक एवं बीज की बचत की जा सकती है। काला गेहूं की उत्पादन सामान्य गेहूं की तरह ही होता है। इसकी उपज 10 से 12 क्विंटल बीघे होती है। कहा कि किसान भाई बाजार से बीज खरीद करके काला गेहूं की बोवाई कर सकते हैं। बुवाई का उपयुक्त सीजन चल रहा है।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अशोक वर्मा कहते हैं कि काला गेहूं के आटे से बनी चपाती का रंग भले ही देखने में काला व भूरा होने के कारण अलग लगता है, लेकिन यह सेहत के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसका स्वाद अच्छा होता है। खासतौर पर सर्दियों में ये शुगर, ब्लड प्रेशर और दिल के मरीजों के लिए बहुत लाभकारी होता है। सामान्य गेहूं के मुकाबले, जहां इसमें एंटी ग्लूकोज तत्व ज्यादा होते हैं, जिसके कारण यह शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। वहीं ये ब्लड सर्कुलेशन भी सामान्य बनाए रखता है, जिससे दिल भी स्वस्थ रहता है।
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