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तथ्यों छिपा सोसाइटी ने किया एग्रीमेंट

Mon, 18 Apr 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
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रायबरेली में सिविल लाइंस चौराहे के पास सड़क किनारे स्थित कमला नेहरू ट्रस्ट की वह जमीन, जिसका किया गया एग्रीमेंट। - फोटो : अमर उजाला
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करोड़ों रुपये की जमीन के एग्रीमेंट का मामला उजागर होने के बाद कमला नेहरू एजूकेशन सोसाइटी कटघरे में हैं। सोसाइटी ने रिकॉल का आदेश छिपाकर जमीन बेचने की कोशिश की है। एग्रीमेंट के दौरान मूल तथ्य छिपा लए गए।
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वर्ष 2011 में राजस्व निरीक्षक की जांच रिपोर्ट में इसका पूरा ब्योरा दिया हुआ है। सोसाइटी के सचिव ने इसे पूरी तरह से नजर अंदाज कर ददुआ के परिवारीजनों के नाम जमीन का एग्रीमेंट करा दिया। एग्रीमेेंट के बाद इस जमीन को बेचने के मामले की परतें खुलने लगी हैं। ऐसे में सोसाइटी के सदस्य भी कार्रवाई के दायरे में हैं।

सिविल लाइंस चौराहे पर 12640 वर्ग मीटर (करीब पांच बीघा) जमीन कमला नेहरू एजूकेशन सोसाइटी के नाम दर्ज है। इसका एग्रीमेंट चर्चित रहे दस्यु सरगना ददुआ के भाई व पूर्व सपा सांसद बालकुमार पटेल की पत्नी रामबाई पटेल, उनके पुत्र व वर्तमान सपा विधायक राम सिंह, सुधीर सिंह और राकेश सिंह को कराने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
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इस जमीन को वर्ष 2003 में यह कहकर कमला नेहरू एजूकेशन सोसाइटी ने फ्री होल्ड करा दिया था कि इस जमीन पर किसी का कब्जा नहीं है। वर्ष 2011 में राजस्व निरीक्षक जेपी श्रीवास्तव ने जांच में रिपोर्ट इस बात का जिक्र भी किया कि सोसाइटी ने पत्र में कहा था कि जमीन पर किसी का कब्जा नहीं है।

जांच में यह बात सामने आने पर राजस्व निरीक्षक ने रिपोर्ट लगाते हुए फ्री होल्ड आदेश को ही वापस लेने (रिकॉल) की संस्तुति कर दी थी। राजस्व निरीक्षक की ओर से की गई जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि सोसाइटी ने तथ्यों को छिपाकर फ्री होल्ड कराया है।

यही नहीं रीकॉल की बात छिपाकर को सचिव सुनील देव ने ददुआ के परिवारीजनों को इसको एग्रीमेंट करा दिया गया। उल्लखनीय है कि इस जमीन पर वर्तमान में तमाम दुकानदार काबिज हैं। एग्रीमेंट में जिन दो लोगों की गवाह के रूप में दर्ज किया गया है, वे भी कांग्रेसी बताए जाते हैं।

हालांकि कांग्रेस पदाधिकारी इस बात से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिन्होंने गवाही दी, वह कांग्रेसी नहीं हैं। एग्रीमेंट में सुरजीत सिंह और सुनील तिवारी ने गवाही दी है। सांसद सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरी लाल शर्मा का कहना है कि कमला नेहरू एजूकेशन सोसाइटी की जमीन के एग्रीमेंट के मामले को कांग्रेस संगठन ने गंभीरता से लिया है।

इस मामले को जिला प्रशासन से जांच कराए जाने की मांग की गई है। इस मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। जांच के बाद दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है। कांग्रेस प्रवक्ता विनय द्विवेदी का कहना है कि  नेहरू एजूकेशन सोसाइटी से कांग्रेस संगठन या कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से कोई वास्ता नहीं है।

सोसाइटी द्वारा जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उसकी जांच के संबंध में प्रशासन को लिखा गया है। इस प्रकरण में क्रेता अथवा विक्रेता दोनो में कोई भी कांग्रेस संगठन में शामिल नहीं है सदर विधायक अखिलेश सिंह ने कहा है कि कमला नेहरू एजूकेशन सोसाइटी की जमीन का एग्रीमेंट करने और कराने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

इसको लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा। जमीन को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। रविवार को दीवानी कचहरी स्थित अपने कोठी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बातें कही। उन्होंने कहा कि करोड़ों की जमीन को कौड़ियों के भाव में बेच दिया गया। दुकानदारों को दुकानें खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। इस पर ऐसा होने नहीं दिया जाएगा।
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