जिले में विधानसभा चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच मंगलवार को की गई। इसमें 6 दावेदारों के परचे निरस्त किए गए। सरेनी और हरचंदपुर विधान सभा सीट से एक-एक और ऊंचाहार विधान सभा सीट से चार दावेदार चुनावी मैदान से हट गए हैं।
अब जिले की छह विधान सभा सीटों पर प्रत्याशियों की संख्या 83 हो गई है। 8 और 9 जनवरी को नामांकन पत्रों की वापसी प्रक्रिया के बाद चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। जिले की छह विधानसभा सीटों पर कुल 89 उम्मीदवारों ने परचा दाखिल किया था।
मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे से नामांकन पत्रों की जांच शाम तीन बजे तक की गई। सलोन विस सीट पर रामसजीवन ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में परचा भरा था। शपथपत्र अपूर्ण होने पर रामसजीवन का परचा निरस्त कर दिया गया।
इसी तरह हरचंदपुर विस सीट से गुड़िया लोधी का भी परचा निरस्त कर दिया गया। गुड़िया लोधी के तीन प्रस्तावक सरेनी क्षेत्र के थे। इसलिए परचा निरस्त किया गया। गुड़िया लोधी हरचंदपुर सीट की भाजपा प्रत्याशी कंचन वर्मा की सास हैं।
ऊंचाहार विस सीट से निर्दलीय प्रत्याशी विवेक सिंह का नामांकन पत्र खारिज कर दिया। उम्र पूरी न होने पर परचा निरस्त हुआ। इसी तरह भारतीय डेमोक्रेटिक सोशल एलायंस पार्टी के प्रत्याशी हरिश्चंद्र पुत्र बिंदेश्वरी और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में परचा जमा करने वाले हरिश्चंद्र पुत्र संत प्रसाद एवं चंदनलाल का भी परचा निरस्त कर दिया गया।
इन तीनों प्रत्याशियों का फॉर्म 26 भरा नहीं था। शपथपत्र भी अपूर्ण था। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शत्रोहन सिंह का कहना है कि नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गई है। 8 और 9 जनवरी को नामांकन पत्रों की वापसी प्रक्रिया और चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
बछरावां विस सीट से सिटिंग विधायक रामलाल अकेला ने राष्ट्रीय लोकदल पार्टी से चार सेटोें में नामांकन पत्र जमा किया था। जांच में रामलाल अकेला के तीन नामांकन पत्र खारिज कर दिए।
इसमें ए और बी फॉर्म नहीं लगाए थे। एक नामांकन पत्र जांच में सही पाया गया। वहीं अपना दल से सुशील पासी ने नामांकन पत्र जमा किया था। पार्टी का कोर्ट में विवाद चलने पर सुशील पासी को निर्दलीय प्रत्याशी कर दिया गया।