गैर इरादतन हत्या के मामले में कोर्ट ने चार अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही छह-छह हजार रुपया अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश विजेश कुमार ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) चौ. राजकिशोर व गिरिजेश सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट सदर कोतवाली क्षेत्र के दाउदनगर निवासी शिवकुमार ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 13 मार्च 2014 को वादी का भाई हरिहर प्रसाद, पिता शिवनंदन, मां मिथिलेश पर रंजिश में गांव के ही रामसजीवन के ललकारने पर रामखेलावन, प्रदीप कुमार, बबलू, अंशू, विमला देवी, शिवदेवी आदि ने जानलेवा हमला बोला था।
इसमें गंभीर घायल वादी के पिता शिवनंदन व मां मिथिलेश वर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई। दौरान विचारण रामखेलावन की मौत हो गई। बबलू व अंशू को किशोर होने की वजह से पत्रावली पृथक कर किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त रामसजीवन, प्रदीप कुमार, विमला देवी व शिवदेवी को धारा 147, 148, 304, 308, 324, 325, 504, 506 आईपीसी के तहत दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।