रायबरेली। डीपीआरओ उपेंद्रराज सिंह ने शनिवार को निरीक्षण के दौरान डीह ब्लॉक क्षेत्र के दिलावरपुर गांव में पंचायत भवन की मरम्मत के नाम पर दो लाख रुपये का फर्जी भुगतान करके धनराशि डकारने का मामला पकड़ा। उन्होंने मामले में सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए। इसके साथ ही एडीओ (पंचायत) से जवाब मांगा। इसके अलावा दो सचिव का वेतन रोकते हुए मनमानी करने वाले सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।
डीपीआरओ को निरीक्षण के दौरान सबसे पहले फागूपुर और गोपालपुर में सामुदायिक शौचालय निर्माण का कार्य बंद मिला। इस पर उन्होंने सचिव रामेश्वर गुप्ता और दीपचंद का वेतन रोक दिया। ग्राम पंचायत सरायमनिक में निर्माण कार्य बंद मिला। सचिव शिशिर द्वारा बताया गया कि पूर्व सचिव मंजुल मयंक ने अब तक चार्ज नहीं दिया है। ऐसी स्थिति में काम प्रभावित हो रहा है। मामले में एडीओ डीह को सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।
डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत दिलावलपुर में सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण किया तो काम अधूरा मिला। बगल में ही पहले से बने जर्जर दिख रहे पंचायत भवन की मरम्मत, रंगाई-पुताई, मिट्टी भराई आदि कार्यों के नाम पर दो लाख से अधिक धनराशि सचिव और प्रधान द्वारा निकालने का मामला पकड़ा। पंचायत भवन और उसके प्रांगण को देखने से स्पष्ट लग रहा था कि तीन चार साल से यहां कोई काम नहीं कराया गया, लेकिन धनराशि का भुगतान किया गया है। इस पर डीपीआरओ ने मामले में सचिव सुशील कुमार निलंबित कर दिया। एडीओ (पंचायत) शिवशंकर से लापरवाही बरतने पर स्पष्टीकरण तलब किया। प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।