रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन स्थित रेल लाइन नंबर एक का नवीनीकरण कार्य सोमवार को शुरू करा दिया गया है। लाइन नंबर तीन का नवीनीकरण हो चुका है। लाइन नंबर दो पर नई पटरी बिछाने का काम चल रहा है। लाइन नंबर एक पर अभी गिट्टियां और जमा मिट्टी हटाने का काम कराया जा रहा है। इसके बाद स्लीपर बदले जाएंगे, फिर नई पटरियां बिछाकर रेलवे ट्रैक को नया किया जाएगा।
शहर के रेलवे स्टेशन पर आठ रेल लाइनें हैं। इनमें लाइन नंबर एक, दो और तीन काफी पुरानी हो चुकी थीं, जिनका नवीनीकरण कराया जाना जरूरी हो गया था। लाइन नंबर एक पर प्लटेफॉर्म नंबर 1-ए की ट्रेनें दौड़ती हैं, वहीं लाइन नंबर दो से प्लेटफॉर्म नंबर एक से गुजरने वाली ट्रेनों का ठहराव होता है।
लाइन नंबर तीन मेन लाइन है, जिससे ट्रेनों को पास कराया जाता है या फिर नए कोचों की रेक या मालगाड़ी को रोका जाता है। लाइन नंबर तीन पर स्लीपर और पटरी बदलने का काम पूरा हो चुका है। लाइन नंबर दो पर स्लीपर नहीं बदले जाने थे। सिर्फ पटरी बदलने का काम कराया जा रहा है। लाइन नंबर दो और तीन पर 800-800 मीटर ट्रैक का नवीनीकरण कराए जाने की रूपरेखा बनी थी।
लाइन नंबर एक पर करीब 350 मीटर रेलवे ट्रैक का नवीनीकरण किया जाना है। इस ट्रैक पर काफी मिट्टी और कचरा जमा हो गया है, जिससे गिट्टियां दब गई हैं। इसीलिए मिट्टी और कचरा हटाने के बाद गिट्टियां की छनाई करके उसे अलग करने का काम शुरू हो गया है। यह काम पूरा करने में तीन-चार दिन लग जाएंगे। इसके बाद स्लीपर बदले जाएंगे, फिर नई पटरी लगा देंगे। पटरी और स्लीपर मंगाकर ट्रैक किनारे रखे जा चुके हैं।
फिलहाल एक हफ्ते के भीतर लाइन नंबर दो पर नई पटरी लगाने का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद लाइन नंबर एक पर पटरी और स्लीपर बदलने का काम शुरू कराएंगे। रेल लाइनों के नवीनीकरण होने से ट्रैक की क्षमता और गुणवत्ता बढ़ रही है।
जरूरत पर दूसरे प्लेटफॉर्म से चलाई जाएंगी ट्रेनें
लाइन नंबर एक से शटल सेवाओं यानी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होता है। ये ट्रेनें रायबरेली से ही चलती हैं और ऊंचाहार व रघुराज सिंह स्टेशनों तक जाती हैं। इन ट्रेनों का संचालन सुबह और शाम को होता है। दिनभर ट्रैक खाली रहता है। इस लाइन पर स्लीपर और पटरी बदलने में ज्यादा समय लगेगा तो शटल सेवाओं को दूसरे प्लेटफॉर्म से चलाया जा सकता है। अधिकारी कहते हैं कि ऐसी कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।
वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) विजय कालरा का कहना है कि लाइन नंबर एक पर हर रोज चार-पांच घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक लेकर ही काम कराया जाएगा, ताकि ट्रेनों के संचालन पर कोई असर न पड़े। इसीलिए काम पूरा करने में कई दिन लग सकते हैं। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार का कहना है कि रेल लाइन नवनीकरण कार्य की वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं होगा। जरूरत पड़ेगी तो दूसरे प्लेटफॉर्म से ट्रेनों को चलाया जाएगा।