लालगंज। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) के वेलफेयर इंस्पेक्टर की कपूरथला की ड्यूटी पूरी करके वापस लौटते समय तबीयत खराब हो गई। कोतवाली पुलिस की सूचना पर आरेडिका की एंबुलेंस से उन्हें तत्काल जिला अस्प्ताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनकी मौत से गुस्साए कारखाने के कर्मचारियों ने सोमवार को प्रशासनिक भवन का घेराव कर प्रदर्शन किया। पीसीपीओ पर पर्सनल विभाग के कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए जीएम को ज्ञापन सौंपा। जीएम के आश्वासन पर नाराज कर्मचारी शांत हुए और काम पर लौट गए।
आरेडिका के पर्सनल विभाग में वेलफेयर इंस्पेक्टर पद पर तैनात लखनऊ के सिंगार नगर के मूल निवासी आनंद पांडे (44) दो सितंबर को ड्यूटी लग जाने पर कपूरथला गए थे। वह रविवार को वहां से लौट रहे थे। बछरावां से लालगंज के बीच बस में ही उनकी तबियत खराब हो गई। कंडेक्टर ने उन्हें कोतवाली के सामने उतार दिया।
पुलिस के सूचना देने पर कारखाने की एंबुलेंस उन्हें अपने अस्पताल लाई जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रविवार देर रात उनकी मौत हो गई। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवारीजनों को सौंप दिया गया।
आनंद पांडे की मौत से गुस्साए कारखाने के कर्मचारियों ने सोमवार सुबह कामकाज बंद कर प्रशासनिक भवन का घेराव कर प्रदर्शन किया। कहा कि पीसीपीओ की प्रताड़ना के कारण ही आनंद की मौत हुई है। उनकी तबियत खराब होने के बावजूद उन्हें पीसीपीओ ने कपूरथला भेज दिया था। दोपहर तक प्रदर्शन चलता रहा।
इसके बाद जीएम के बुलाने पर कर्मचारी नेता उनसे मिलने गए। जीएम के उचित कार्रवाई करने के आश्वासन पर कर्मचारी शांत हो गए और काम पर वापस लौट गए। जीएम से मिलने गए कर्मचारी नेताओं में रेल कोच फैक्ट्री मेंस यूनियन के रोहित मिश्रा, राकेश तिवारी व सुशील गुप्ता आदि शामिल रहे।
पीआरओ अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि आनंद पांडे की मौत एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। प्रशासनिक भवन पर नाराज कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था। पीसीपीओ की ओर से कर्मचारियों को प्रताड़ित किए जाने की कोई सूचना जीएम को नहीं थी। जीएम से मिलकर बातचीत करने के बाद कर्मचारी शांत हो गए। मृतक के परिवार की नियमानुसार पूरी मदद की जाएगी।