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कामर्शियल प्रोडक्शन के लिए तैयार है रेल पहिया कारखाना, हर साल तैयार होंगे एक लाख पहिये

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मेकॉन कंपनी के डायरेक्टर को जानकारी देते कारखाने के जीएम एसके झा। - फोटो : RAIBARAILY
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लालगंज (रायबरेली)। जल्द उत्पादन शुरू करने को लेकर अब रेल पहिया कारखाने (फोर्ज्ड व्हील प्लांट) में हलचल तेज हो गईं है। फिलहाल परीक्षण के तौर पर बनाए गए पहियों को पहले अपने स्तर पर जांचा जा रहा है। इसके बाद जल्द रेलवे के लिए बनाए गए 75 लोको व्हील्स के अंतिम तकनीकी निरीक्षण के लिए आरडीएसओ के विशेषज्ञों की टीम बुलाए जाने की तैयारी है।
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रेल पहिया कारखाने की कंसल्टेंट कंपनी मेकॉन के टेक्निकल डायरेक्टर एके अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना से लगा हुआ फोर्ज्ड व्हील प्लांट अब पूरी तरह से पहियों के कामर्शियल प्रोडक्शन के लिए तैयार दिखाई दे रहा है।
इसी माह से किसी भी दिन इसमें कामर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया जा सकता है। प्लांट में पहियों के प्रोडक्शन शुरू होने पर आत्मनिर्भरता की ओर देश का एक अहम कदम होगा। सरकार की ओर से चलाए जा रहे मेक इन इंडिया के सपनों को यह साकार करेगा। यह प्लांट इंडियन रेलवे के लिए पहियों के निर्माण साथ सभी प्रकार के पहियों के निर्माण करने में सक्षम है।
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टेक्निकल डायरेक्टर ने प्लांट के निरीक्षण के दौरान एसएमएस और आरआईएनएल के अधिकारियों से बात की। कंपनी के चीफ जनरल मैनेजर रणजीत कुमार व नीरज कुमार की टीम ने प्लांट का निरीक्षण किया।
वर्तमान में कंपनी के छह इंजीनियर काम देख रहे हैं। प्लांट के जनरल मैनेजर संजय कुमार झा ने टेक्निकल टीम को बताया कि आने वाले कुछ दिनों में आरडीएसओ से बात कर वहां के विशेषज्ञों की टीम बुलाकर प्लांट में बने लोको व्हील का अंतिम तकनीकी निरीक्षण कराया जाएगा।
कारखाने में प्रतिवर्ष बनेंगे एक लाख पहिये
यह कारखाना एक लाख पहिये हर साल बनाएगा। बाद में इसके उत्पादन को दो लाख इकाई प्रतिवर्ष के लिए बढ़ाया जाएगा। लिहाजा यह समझा जा रहा है कि पूरी तरह से जर्मन तकनीक पर निर्मित यह अत्याधुनिक कारखाना फिलहाल एक वर्ष में एक लाख पहिये बनाने की क्षमता के लिए स्थापित कर दिया गया है।
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