एआरटीओ दफ्तर में काम के बदले किस तरह लोगों से रुपये ऐंठे जाते हैं, इसका खुलासा बुधवार को हुआ। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शैलेंद्र मिश्रा ने पुलिस टीम के साथ छापा मारा तो यहां लाइसेंस बनवाने समेत अन्य कार्यों के लिए मनमाने तरीके से रुपये लिए जा रहे थे।
पुुलिस टीम ने दफ्तर के बाहर रखी गुमटियों को हटवा दिया। मौके से पुलिस ने 11 दलालों को दबोचा। सभी को थाने ले आई और धारा 151 के तहत चालान कर दिया गया। शहर से पांच किमी दूर महराजगंज रोड पर हरदासपुर गांव के पास एआरटीओ दफ्तर है।
डीएम अभय सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शैलेंद्र मिश्रा और मिल एरिया थाने के कार्यवाहक थानाध्यक्ष रामकृपाल की अगुवाई में पुलिस टीम ने बुधवार दोपहर दफ्तर में छापा मारा। अचानक छापा पड़ते ही वहां पर अफरातफरी मच गई।
पुलिस ने दफ्तर के बाहर रखी कई गुमटियों को गिरा दिया। एआरटीओ प्रवर्तन अजय यादव की मौजूदगी में पुलिस ने कार्यालय में दलाल के रूप में कार्य करने वाले 11 लोगों को दबोचकर थाने ले आई। पुलिस की मानें तो लर्निंग लाइसेंस और परमानेंट लाइसेंस बनवाने के नाम पर लोगों से एक हजार से दो हजार रुपये तक वसूले जा रहे थे।
गाड़ियों के फिटनेस बनवाने समेत अन्य कार्य के लिए मनमाने तरीके से लोगों से रुपये ऐंठे जाते थे। कार्यवाहक थानेदार रामकृपाल ने बताया कि कृष्णपाल निवासी गुरुबख्शगंज, सत्यम निवासी हरदासपुर, अभिषेक शुक्ला निवासी रुस्तमपुर, दीपू सिंह निवासी ओनई गुरुबख्शगंज, सुमित निवासी आदमपुर, अजय सिंह निवासी बसंतपुर, देवेंद्र सिंह निवासी मेजरगंज भदोखर, जगदेव निवासी अंबेडकरनगर, संजय सिंह निवासी देवानंदपुर, उमेश निवासी ऊंचाहार, हरीशंकर निवासी खीरों का धारा 151 में चालान किया गया है।
एआरटीओ दफ्तर के बाहर चहल-पहल थी, लेकिन अचानक छापा पड़ने के बाद वहां पर सन्नाटा पसर गया। रुपया कमाने के चक्कर में लोग गुमटियां रखे थे। यहां तक खून जांच करने के लिए पैथोलॉजी तक की व्यवस्था किए थे। अचानक छापा पड़ने पर वहां से लोग दुकान बंद करके भाग गए। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शैलेंद्र मिश्रा का कहना है कि दफ्तर में बाहरी लोगों को कार्य करने नहीं दिया जाएगा। यदि वे मिलते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने छापे के दौरान दफ्तर से करीब 22 से 24 लोगों को पकड़ा। इसमें से कई ऐसे लोग थे, जो अपने कार्य से एआरटीओ दफ्तर आए थे। इस पर पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। सिर्फ 11 दलालों का चालान किया गया।