सराफा व्यवसायी शोभित कौशल की हत्या की स्क्रिप्ट हत्या आरोपियों ने पहले ही तैयार की थी। इसका तनिक भी अंदाजा व्यवसायी को नहीं था। शोभित की जान पहचान पहले से ही आरोपियों से थी। वह उनके झांसे में आकर सोने-चांदी के जेवरात की डिजाइन दिखाने के लिए उनके साथ बाहर चला गया।
शोभित कौशल दुकान पर बैठकर सोने-चांदी की बिक्री करता था, जबकि उसके पिता राकेश कौशल गांवों में फेरी लगाकर सोने-चांदी की बिक्री करते थे। फेरी लगाने के बाद राकेश शाम पांच बजे अपनी दुकान पर प्रतिदिन पहुंचते थे। पुलिस सूत्रों की माने तो घटना वाले दिन शोभित दुकान पर था। आरोपी उसकी दुकान पर पहुंचे और उससे सोने-चांदी के जेवरात खरीदने का झांसा देते हैं।
आरोपी व्यवसायी से शर्त रखते हैं कि वह सोने-चांदी की जेवरात की डिजाइन दिखाने उसके साथ चले। इस पर शोभित दुकान बंद करता है और एक आरोपी के साथ चला जाता है। इसी दौरान उसकी हत्या कर दी जाती है। चूंकि आरोपियों को पहले ही इस बात की जानकारी थी कि व्यवसायी का पिता शाम पांच बजे दुकान पर पहुंचेगा। इसलिए हत्या के बाद आरोपियों का इरादा सोने-चांदी के जेवरात लूटना था।
बताते हैं कि फेरी लगाने के दौरान मृतक युवक के पिता का किसी बात को लेकर कुछ लोगों से विवाद हो गया था। इस पर पिता राकेश दोपहर में ही दुकान पर पहुंच गया। देखा कि एक आरोपी दुकान से जेवर लूट रहा है। बेटा दुकान पर नहीं मिला। आरोपी युवक को पकड़कर पिता ने पुलिस के सुपुर्द किया। पुलिस देर रात घटना की जांच करती रही।
इस पुलिस को पता चला कि सराफा व्यवसायी की हत्या प्लानिंग के तहत की गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक धर्मेंद्र, गुलाब के अलावा प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के रहने वाला एक युवक मास्टरमाइंड है। उसी ने धर्मेंद्र, गुलाब के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में प्रेम प्रसंग में ही सराफा व्यवसायी की हत्या की वजह सामने आई है। सूत्रों का कहना है कि घटना में फरार आरोपी अरविंद का ऊंचाहार क्षेत्र की रहने वाली एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी युवती से सराफा व्यवसायी शोभित की भी बातचीत हो रही थी। यह बात अरविंद को अखर रही थी।
कई बार उसने शोभित को समझाया भी था कि वह युवती से दूर रहे। इसके बाद भी शोभित युवती से बातचीत कर रहा था। ऐसे में अरविंद ने साथियों के साथ मिलकर शोभित को ठिकाने लगाने की साजिश रची। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बाइक से आकर दुकान में घुसते हुए जो युवक दिख रहा है, वह धर्मेंद बताया जा रहा है। सीओ डलमऊ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है।
खंगाली जा रही कॉल डिटेल
पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपी धर्मेंद्र सरोज व गुलाब के मोबाइल की काॅल डिटेल खंगाल रही है। पुलिस जानने का प्रयास कर रही है कि घटना के पहले और फिर घटना के बाद इन दोनों आरोपियों को किन-किन लोगों ने फोन किया और उनसे क्या बातचीत हुई। पुलिस सूत्र बताते हैं कि घटना में शामिल आरोपियों की संख्या तीन से ज्यादा हो सकती है।