दो पन्नों में उसने चैट की डिटेल दी थी। लेकिन इससे भी कोई हल नहीं निकला था। सूत्रों का दावा है कि पूर्व में चंदन ने पूनम पर अपनी कमाई खूब लुटाई थी। चंदन ने अपनी मां और बहन तक के जेवर बेंच कर खर्च कर दिए थे। पूनम को लेकर उसने बड़े सपने देखते थे। यहां तक कहा जा रहा है कि चंदन ने पूनम के लिए अलग से कहीं मकान भी ले लिया था। अब पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है। एक पुलिस अधिकारी ने भी नाम न छापने की शर्त पर इन बातों की पुष्टि की है।
पूरे मामले के बीच चंदन ने अब तक तीन बार अपनी जान गंवाने की कोशिश की, लेकिन हर बार वह बच गया। 18 अगस्त को मुकदमा होने के बाद पुलिस ने चंदन को पकड़ा था। शांतिभंग में पाबंद होने के बाद जब चंदन छूटा तो उसने आत्महत्या की कोशिश की। पहली दफा उसने रायबरेली के इंद्रनगर नहर में छलांग लगा कर जान देने का प्रयास किया। हालांकि आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। तब पुलिस भी पहुंची थी। इसके बाद उसने विषाक्त पदार्थ खा लिया था। जहरीला पदार्थ खाने के बाद भी वह बच गया। तीसरी बार उसने शिक्षक परिवार की हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मार जान देने की कोशिश की थी, लेकिन कारतूस मिस होने के कारण वह बच गया था। गोली से खुदकुशी करने की कोशिश की बात पुलिस ने भी घटना के खुलासे के दौरान बताई थी।
वारदात अंजाम देने से पहले चंदन ने अहोरवा भवानी का कई बार रुख किया। सूत्रों के मुताबिक चंदन की 20 सितंबर के बाद से यहां आमद काफी बढ़ गई थी। वह कई बार शिवरतनगंज के अहोरवा भवानी कस्बे में आया। इस दौरान उसने घटना स्थल के आसपा, गली, मुहल्लों, दुकानों, रास्तों, आवागमन आदि की रेकी की थी।