गाड़ियों की लेटलतीफी से मुसाफिरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। घंटों स्टेशन पर बैठ कर ट्रेन और बसों की राह ताकनी पड़ती है। यही नहीं कोहरे के चलते हादसों की आशंका भी बढ़ गई है।
बावजूद इसके यातायात सामान्य रखने के लिए रेलवे और न ही परिवहन निगम न कोई इंतजाम किए हैं। रायबरेली डिपो से सरकारी और अनुबंधित दोनों को मिलाकर करीब 126 बसों का संचालन होता है।
45 से अधिक ट्रेनें जिले के विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरती हैं। ट्रेन और बसों को मिलाकर करीब 50 हजार मुसाफिर ट्रेनों और बसों से सफर करते हैं।
सर्दी के मौसम में कोहरे के चलते ट्रेनों और बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। संचालन सामान्य रखने के लिए बसों में फॉग लाइट और ट्रेनों में फॉग डिवाइस लगने चाहिए।
लेकिन दोनों ही इंतजाम नहीं हैं। यही नहीं बसों में रेडियम भी नहीं लगवाए गए हैं। हालात यह हैं कि लंबी दूरी की ट्रेन और बसें 10-12 घंटे लेट हो रही हैं। ऐसे में मुसाफिरों ने यह समय स्टेशन पर ही बैठकर बिताना पड़ता है।
एआरएम आरपी सिंह का कहना है कि कोहरे की वजह से बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। खासकर लंबी दूरी की बसें प्रभावित हो रही हैं। सभी सरकारी बसों में फॉग लाइटें लगी हैं।
अनुबंधित बसों में भी फॉग लाइट लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्टेशन अधीक्षक डीआर मीना ने बताया कि कोहरे में ट्रेनें लेट हो रही हैं। सबसे ज्यादा लंबी दूरी की ट्रेन प्रभावित हो रही हैं।
अन्य ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। हालांकि कोहरे में संचालन सामान्य रखने के लिए फॉग डिवाइस समेत अन्य इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन ये सुविधाएं यहां नहीं उपलब्ध हैं।