रायबरेली। जिले में शनिवार की देर शाम आई आंधी और बारिश से बिजली आपूर्ति चरमरा गई। शहर में कहीं एक, तो कहीं दो घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में 600 गांव पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे। रात में बिजली नहीं आने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रविवार की कहीं 12, तो कहीं पर 16 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई। सबसे ज्यादा समस्या पेयजल को लेकर हुई। तेज आंधी के कारण करीब 130 बिजली के खंभे टूट गए। शनिवार शाम करीब सात बजे मौसम का मिजाज बदल गया। कुछ देर बाद तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान जिलेभर की बिजली आपूर्ति चरमरा गई।
शहर के इंदिरा नगर, गोराबाजार, तेलियाकोट की बिजली एक घंटे बाद बहाल हो गई। प्रगतिपुरम, आचार्य द्विवेदी नगर उपकेंद्र की बिजली तीन घंटे बाद बहाल हो पाई। शिवगढ़ क्षेत्र के कसना फीडर की लाइन में फॉल्ट आने से पहाड़गंज, मझिगवां, अलीपुर, कुशलगंज समेत 20 गांव की बिजली गुल रही।
ग्रामीण पारसनाथ सिंह, रविराज सिंह, ओम प्रकाश शुक्ला ने बताया कि पूरी रात बिजली न आने से सो नहीं पाए। सुबह तक बिजली नहीं आने से पेयजल संकट से जूझना पड़ा। दोपहर 12 बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इसी तरह विद्युत उपकेंद्र परशदेपुर, दरीबा, सलोन, जगतपुर की बिजली रविवार सुबह 10 बजे बहाल हो पाई। कहीं तार टूट गए, तो कहीं पर खंभे टूटने से आपूर्ति प्रभावित रही।
बिजली गिरने से उपकरण फुंके
सलोन। शनिवार देर शाम आई आंधी, बारिश के बीच विद्युत व्यवस्था बेपटरी रही। रविवार दोपहर एक बजे बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश के दौरान रतासों गांव में बुद्धिमान सिंह के घर पर बिजली गिरने से दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। घर में लगे बिजली उपकरण पंखे, बल्ब क्षतिग्रस्त हो गए।