रायबरेली। पॉलिथीन की बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है। एक जुलाई से पॉलिथीन की बिक्री रोकनी थी लेकिन अफसरों की सख्ती का असर नहीं दिख रहा है।
शहर क्षेत्र में चोरी-छिपे पॉलिथीन बिक रही है। नगर पालिका की ओर से चल रहा अभियान महज खानापूर्ति तक सीमित है। हालांकि पॉलिथीन की बिक्री से दुकानदारों की टेंशन बढ़ी है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण के चलते पॉलिथीन की बिक्री पर रोक को जायज ठहरा रहे हैं। उनका मानना है कि ग्राहकों से आग्रह किया है कि वह स्वयं घर से झोले लाकर खरीदारी करें।
घर से बाजार या दुकान जाएं तो झोला साथ ले जाएं
व्यापारी रामप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि पॉलिथीन की बिक्री पर रोक ठीक है। दुकानदार झोले का प्रयोग करें और ग्राहक से अलग से उसका पैसा लें। होटल व्यवसायी दिलीप कुमार ने बताया कि पॉलिथीन बंद होने से दिक्कतें हो रही हैं। हर सामग्री को कागज या फिर झोले में देना आसान नहीं होता है। इसलिए सरकार को इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाना चाहिए।
दवा व्यापारी राजेंद्र जायसवाल ने बताया कि पॉलिथीन बंद होना बेहद जरूरी था, क्योंकि इससे प्रदूूषण बढ़ रहा था। हम तो पहले से ही झोले का प्रयोग कर रहे थे। सभी को दुकानदार को झोले का उपयोग करना चाहिए। व्यापारी राकेश वर्मा ने कहा कि कागज के बैग का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके प्रयोग से प्रदूषण नहीं होता और लोगों को सामान ले जाने में भी आसानी होती है।
किराना व्यवसायी राजेंद्र सैनी ने बताया कि पॉलीथिन बंद होने से समस्या तो हो रही है, लेकिन यह जरूरी भी था, क्योंकि इसकी बिक्री से पर्यावरण को नुकसान हो रहा था। सब्जी दुकानदार रामू यादव ने बताया कि पॉलिथीन अब नहीं मिल रही है। इसलिए ग्राहकों को सब्जी देने में दिक्कतें होती हैं। इसलिए जो भी ग्राहक दुकान पर आता है, उससे जरूर कहते हैं कि घर से झोला लेकर आओ। व्यापारी दिनेश सिंह, आशू कुमार, विवेक सिंह व अनूप मुखर्जी ने बताया कि पॉलिथीन की बिक्री रोकना जरूरी है। इससे पर्यावरण को खतरा है।
शहर के सभी दुकानदारों और व्यापारी नेताओं से अपील की जा रही है कि वह पॉलिथीन की बिक्री कतई न करें। एक जुलाई से पॉलिथीन की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इसके बाद भी यदि कोई पॉलिथीन की बिक्री या फिर उसका उपयोग करते हुए पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.आशीष कुुमार सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद रायबरेली