रायबरेली। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में ब्राह्मणों और दलितों पर अत्याचार हो रहा है। इस उत्पीड़न का जवाब 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रबुद्ध वर्ग देगा।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों की आबादी 13 प्रतिशत और दलितों की आबादी 23 प्रतिशत है। दोनों यदि आपस में मिल गए तो बसपा को सत्ता में आने से कोई रोक नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में ब्राह्मण भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकेंगे और प्रदेश में बसपा की सरकार बनाएंगे।
शहर के सिविल लाइन स्थित एक होटल बसपा के प्रबुद्ध वर्ग के सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि चंदे के नाम पर करोड़ों-अरबों रुपये वसूले गए हैं, लेकिन जनता को इसका हिसाब अब तक नहीं दिया गया है।
बसपा ने 23 तारीख से प्रबुद्ध सम्मेलन शुरू किया है, जिसके बाद कांग्रेस, सपा व अन्य पार्टियों में खलबली बढ़ गई है। प्रदेश का प्रबुद्ध वर्ग बसपा के साथ एकजुट हो गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर और भगवान राम के नाम को बदनाम किया जा रहा है। बसपा की सरकार में प्रबुद्ध वर्ग को सुरक्षा, सम्मान और तरक्की मिली थी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बसपा की सरकार आते ही प्रबुद्ध वर्ग को उनका हक और अधिकार मिलेगा। उन्होंने कहा कि बसपा कार्यकर्ता आज से ही जनता के बीच में जाकर उनकी समस्याओं से रूबरू हों।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री नकुल दुबे, मुख्य सेक्टर प्रभारी लखनऊ मंडल इंतजार आब्दी उर्फ बाबी, शैलेंद्र गौतम, राकेश गौतम, बीड़ी सुमन, मनीष तिवारी, बाल कुमार गौतम, आशीष तिवारी, डॉ. बृजेश पाल, चंद्रभान मौर्य, राजकुमार मौर्य, आशीष अवस्थी, राजेंद्र अवस्थी, अनिल पांडेय, पवन मिश्रा, हरि कृष्ण द्विवेदी, विपिन बाजपेई आदि लोग उपस्थित रहे।