कड़ी धूप में सिर ढककर निकलती युवतियां।
रायबरेली। नौतपा के बाद गर्मी के तेवर कम होने लगते हैं, लेकिन इस बार गर्मी की तपिश कुछ अलग ही है। उमस के साथ गर्म हवा चल रही है, जिससे हर कोई बेहाल है। लोग दोपहर में सड़क पर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अस्पतालों में बीमारों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पिछले तीन दिन से लगातार तापमान बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह छह बजे से ही लोग पसीने से तरबतर दिखाए दिए। गर्मी इतनी अधिक है कि जो लोग टहलते थे, वे भी पार्क में बैठे नजर आए। घरों में कमरे गर्मी के कारण तप रहे हैं। कूलर की हवा भी राहत नहीं दे रही है। सबसे अधिक समस्या उन लोगों को है जो घर की ऊपरी मंजिल पर रहते हैं।
दोपहर में इन घरों के कमरे आग की भट्ठी सरीखे तपते हैं। जिससे कमरे में बैठना मुश्किल होता है। मंगलवार को सुबह 11 बजे तापमान 39 डिग्री पहुंच गया। दोपहर में हाईवे पर सन्नाटा रहा। वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। लोगों को गर्मी से बचने के लिए सिर पर अंगौछा, टोपी और मुंह पर कपड़ा लपेटना पड़ा। हर कहीं केवल गर्मी से बचने से चर्चा रही। गर्मी अधिक होने से बेचैनी के साथ लोगों को डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 30 डिग्री रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि राहत की अभी कोई उम्मीद नहीं है। लोग दोपहर में सड़क पर कम निकलें। गर्म हवा चलने से हीट स्ट्रोक होने की संभावना सबसे अधिक है।