रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार से ओपीडी शुरू हो गई। पहले ही दिन 45 मरीजों को चिकित्सीय सलाह दी गई। जिले के अलावा अमेठी, सुल्तानपुर व अन्य पड़ोसी जिलों के मरीज भी पहुंचे। ओपीडी में 32 नए मरीज और 13 पुराने मरीज पहुंचे। गेट पर ही कोरोना जांच की सुविधा भी थी। 72 लोगों की एंटीजन और तीन लोगों की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैपल लिए गए।
कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद एम्स में ओपीडी बंद कर दी गई, ऑनलाइन सुविधा मरीजों को दी जा रही थी। वाट्सपए या मोबाइल पर बात करके मरीजों को चिकित्सीय सलाह दी जा रही थी। कोरोना का कहर थमने के बाद सोमवार से फिर ओपीडी शुरू की गई। एम्स के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व रजिस्ट्रार समीर शुक्ला ने बताया कि निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी के निर्देशन में सोमवार से भौतिक ओपीडी शुरू करा दी गई है।
उन्होंने बताया कि पहले दिन ओपीडी में सबसे अधिक 15 मरीज जनरल मेडिसिन के आए। जनरल सर्जरी विभाग में भी दो मरीजों ने इलाज करवाया। यूरोलॉजी में तीन और नाक-कान-गला विभाग में भी तीन मरीज इलाज करवाने आए। नेत्र रोग विभाग में छह और हड्डी रोग विभाग में पांच मरीज इलाज करवाने के लिए पहुंचे। दो बच्चे भी इलाज करवाने के लिए आए।
उन्होंने बताया कि पहले दिन 45 मरीजों को चिकित्सीय सलाह दी गई। ओपीडी लगातार जारी रहेगी। कोरोना की एंटीजन या आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट के साथ कोई भी मरीज चिकित्सीय सलाह लेने के लिए आ सकता है।