खीरों (रायबरेली)। कस्बा स्थित एक नर्सिंग होम में शनिवार रात मनमानी की हदें पार की गईं। एक महिला का न सिर्फ गर्भपात करा दिया गया, बल्कि इलाज के नाम पर धन उगाही करते हुए एक्सपायर्ड दवाएं थमा दी गईं।
इस पर परिवारीजन भड़क उठे। सभी ने नर्सिंग होम संचालक और स्टाफ के खिलाफ नारेबाजी की। थाने में तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की। रविवार को नर्सिंग होम संचालक और स्टाफ ताला बंद कर भाग निकले। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
महोबा जिले के सेवार गांव निवासी जयपाल खीरों क्षेत्र के बरौला गांव स्थित परिवार समेर्त इंट-भट्ठे पर मजदूरी करता है। शनिवार रात जयपाल की पत्नी जीतू के पेट में अचानक दर्द होने लगा था। उसकी पत्नी गर्भवती थी। वह पत्नी को लेकर खीरों कस्बा स्थित एक नर्सिंग होम पहुंचा।
यहां पर उसे बताया गया कि उसकी पत्नी को खून चल रहा है। इसलिए गर्भपात करना पड़ेगा, वरना महिला की जान चली जाएगी। इसके लिए 2500 रुपये जमा करने को कहा गया।
महिला चिकित्सक के बजाय पुुुरुष चिकित्सक ने महिला का गर्भपात करा दिया और 2500 रुपये ले लिया। इसके बाद इंजेक्शन और दवा के नाम पर 1400 रुपये मांगने लगे।
जयपाल र्ने इंट-भट्ठा मालिक को फोन किया। कुछ देर बाद ईंट-भट्ठा मालिक समेत अन्य लोग पहुंचे तो देखा कि मरीज को एक्सपायर्ड दवाएं दी गईं थीं। यह देख लोग भड़क उठे। सभी ने हंगामा किया। कार्रवाई की मांग की गईं।
इस पर संचालक वहां से भाग खड़ा हुआ। पीड़ित परिवार में थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। थानेदार आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार की तरफ से तहरीर मिली है। जांच कराई जा रही है। मामले में कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस देने पर भाग गया था संचालक : अधीक्षक
सीएचसी खीरों प्रभारी डॉ. इफ्तिखार अहमद ने बताया कि मामला जानकारी में आया है। अवैध नर्सिंग होम को पूर्व में दो नोटिस भेजा जा चुका है, लेकिन उसने नोटिस लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद नर्सिंग होम बंद करके भाग गया था। शीघ्र घटना की जांच कर अवैध क्लीनिक को सीज करते हुए संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खीरों कस्बा स्थित नर्सिंग होम में महिला का गर्भपात करा दिए जाने का मामला जानकारी में नहीं आया है। इस बारे में सीएचसी अधीक्षक से बात करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जाएगी। यदि ऐसा हुआ तो जांच करके मामले में सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
डॉ.वीरेंद्र सिंह, सीएमओ