ऊंचाहार (रायबरेली)। एनटीपीसी परियोजना की यूनिटों में आए दिन आ रही खराबी से उत्पादन घट गया है। इस समय यूनिटों को लगभग 60 प्रतिशत भार पर चलाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने यूनिटों के लगातार खराब होने से हो रही किरकिरी से बचने का नया रास्ता निकाला है। वहीं परियोजना के जिम्मेदार बिजली की मांग कम होने से उत्पादन घटाने का दावा कर रहे हैं।
एनटीपीसी परियोजना में बिजली उत्पादन की छह यूनिटें स्थापित हैं। पांच यूनिटें 210-210 मेगावाट व छठवीं यूनिट 500 मेगावाट बिजली उत्पादन करती है। हालांकि परियोजना की यूनिटों में अक्सर खराबी आती रहती है। चौथी यूनिट सोमवार दोपहर खराब हुई थी उसे जल्दबाजी में चालू किया गया। मंगलवार को उसके टरबाइन में आग लग गई।
इससे परेशान होकर अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यूनिटों से उत्पादन कम कर दिया है। पहली यूनिट से लगभग 121, दूसरी से 120, तीसरी से 126, चौथी से 129, पांचवीं से 123 व छठवीं यूनिट से 296 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है। जो परियोजना की कुल उत्पादन क्षमता 1550 मेगावाट के सापेक्ष 915 मेगावाट है। जिसका सीधा असर परियोजना से बिजली लेने वाले प्रांतों पर पड़ रहा है। परियोजना के जनसंपर्क अधिकारी ऋषभ शर्मा ने बताया कि बिजली की मांग कम होने से उत्पादन कम किया गया है।