रायबरेली। तीन साल से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के निर्माण का काम पूरा न होने पर डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं पर शिकंजा कसा है। समीक्षा में खराब प्रगति मिलने पर करीब 100 प्रधान, चार अधिशासी अभियंताओं समेत करीब 115 लोगों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया है। अब तक निर्माण का काम शत-प्रतिशत पूरा न कराने के संबंध में स्पष्ट जवाब देने के आदेश दिए गए हैं। काम पूरा कराकर रिपोर्ट न देने पर अन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे कार्यदायी संस्थाओं में हड़कंप मच गया है।
वर्ष 2018-19 में जिले में 126 आंगनबाड़ी केंद्र के भवन स्वीकृत हुए थे। पंचायतों को 90, ग्रामीण अभियंता विभाग को 25 और खंड विकास अधिकारियों को 11 कार्यों के लिए कार्यदायी बनाकर समय से निर्माण कार्य पूरा कराने के आदेश दिए गए थे। वर्ष 2019-20 में 135 भवनों में पंचायतों को 91, आरईडी को 15, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड को 11 और पीडब्ल्यूडी खंड प्रथम व द्वितीय को नौ-नौ कार्य दिए गए थे। सभी भवनों के निर्माण का काम पूरा हो जाना चाहिए था।
डीएम वैभव श्रीवास्तव ने कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तो वर्ष 2018-19 के सभी 126 कार्य तो पूर्ण हो गए, लेकिन 105 भवनों में विद्युतीकरण का काम शत-प्रतिशत पूरा नहीं कराया गया है। वर्ष 2019-20 के 135 कार्यों में मात्र 92 भवन ही पूर्ण हो सके हैं। 108 भवनों में विद्युतीकरण का काम पूरा नहीं कराया गया है। अब तक काम पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन कार्यदायी विभागों की मनमानी के कारण काम पूर्ण नहीं मिला। मनमानी पकड़ में आने के बाद डीएम ने लोक निर्माण विभाग खंड प्रथम, द्वितीय व प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंताओं के साथ ही ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता, खंड विकास अधिकारियों के साथ ही करीब 100 प्रधानों से स्पष्टीकरण तलब किया है। सभी को तीन दिन में जवाब देने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
तीन विभागों से मिले 19.39 करोड़
पिछले तीन साल में जिले में 260 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के निर्माण के लिए कार्यदायी विभागों को 19.39 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन समय से बजट मिलने के बाद भी शत प्रतिशत काम पूरा नहीं कराया गया। प्रगति आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में मनरेगा से 4.46 लाख, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से दो लाख और पंचायतीराज विभाग से 1.06 लाख रुपये दिए गए।
आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए पिछले तीन साल में 260 भवन स्वीकृत किए गए। अब तक निर्माण कार्य शत प्रतिशत पूरा हो जाना चाहिए था। डीएम ने समीक्षा के बाद कार्यदायी विभागों को नोटिस देकर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। शरद त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी